फर्जी आईएएस रूबी चौधरी के मामले में एलबीएस अकादमी के गार्ड देव सिंह ने भी डिप्टी डायरेक्टर और रूबी के बीच अच्छे संबंधों का खुलासा किया है।
उसने रूबी को कमरा किराए पर देने की बात भी स्वीकारी है। यह भी कहा कि राष्ट्रपति संग फोटो कराने की उसकी हैसियत नहीं है। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में छह माह तक रूबी चौधरी के ठहरने के मामले में सुरक्षा गार्ड देव सिंह के अहम राजदार होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
मंगलवार को एक निजी चैनल के स्टिंग आपरेशन में देव सिंह ने बताया कि एक बार कमरे में ठहराने के बाद रूबी को उसने साफ मना किया था। रूबी ने डिप्टी डायरेक्टर से बात कराने के लिए कहा। फिर वह उसे लेकर उनके आफिस में पहुंच गई। डिप्टी डायरेक्टर ने उसे तो धमकाकर बाहर कर दिया, लेकिन काफी देर तक वह रूबी से बात करते रहे।
कमरे में रखने की बात सही है, लेकिन राष्ट्रपति संग प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों का फोटो कराने की अनुमति कई अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद मिलती है। यह कराना गार्ड की हैसियत से बाहर की बात है। देव सिंह ने बताया कि रूबी चौधरी के अकादमी में आने-जाने के लिए अंदरूनी और बाहरी सुरक्षा में लगे लोग जिम्मेदार हैं।
कार्रवाई में नपेंगे कई अधिकारी और कर्मचारी
एलबीएस अकादमी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में कई अधिकारी और कर्मचारी फंस सकते हैं। केंद्रीय अधिकारियों के निर्देश पर इस मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है। इसी बीच प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव ने कहा कि इस घटना के बाद अकादमी के स्टाफ को तत्काल स्थानांतरित कर देना चाहिए।
देश के सर्वोच्च संस्थान एलबीएस अकादमी में राष्ट्रपति संग फर्जी आईएएस रूबी चौधरी के फोटो खिंचवाने और अनधिकृत रूप से छह माह तक गार्ड के कमरे में रहने का मामला गंभीर श्रेणी का है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा होने के कारण आईबी, स्पेशल ब्रांच और स्थानीय अभिसूचना इकाई द्वारा अलग-अलग रिपोर्ट दी गई है। सूत्रों के मुताबिक संवेदनशील मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
जांच में कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरने की आशंका है, क्योंकि अकादमी में प्रवेश से लेकर राष्ट्रपति संग फोटो कराने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की फेहरिस्त लंबी है। ऐसे में वह अपनी जवाबदेही से मुंह नहीं मोड़ सकते हैं।
हालांकि अकादमी प्रशासन इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहा है। उधर, प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आर एस टोलिया ने कहा कि इस प्रकरण की अकादमी बदनाम हुई है। ऐसे में बड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
साक्ष्य संकलन के बाद होगी पूछताछ
पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने कहा कि रूबी प्रकरण में साक्ष्यों का संकलन करने के बाद डिप्टी डायरेक्टर से पूछताछ की जाएगी। केवल बयान से आरोप को साबित करने के लिए साक्ष्य जरूरी होते हैं। एसआईटी बिना किसी दबाव के काम कर रही है।