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IAS एकेडमीः स्टिंग ने खोली रुबी कांड की 'पोल'

Wed, 08 Apr 2015 04:03 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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फर्जी आईएएस रूबी चौधरी के मामले में एलबीएस अकादमी के गार्ड देव सिंह ने भी डिप्टी डायरेक्टर और रूबी के बीच अच्छे संबंधों का खुलासा किया है।
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उसने रूबी को कमरा किराए पर देने की बात भी स्वीकारी है। यह भी कहा कि राष्ट्रपति संग फोटो कराने की उसकी हैसियत नहीं है। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में छह माह तक रूबी चौधरी के ठहरने के मामले में सुरक्षा गार्ड देव सिंह के अहम राजदार होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

मंगलवार को एक निजी चैनल के स्टिंग आपरेशन में देव सिंह ने बताया कि एक बार कमरे में ठहराने के बाद रूबी को उसने साफ मना किया था। रूबी ने डिप्टी डायरेक्टर से बात कराने के लिए कहा। फिर वह उसे लेकर उनके आफिस में पहुंच गई। डिप्टी डायरेक्टर ने उसे तो धमकाकर बाहर कर दिया, लेकिन काफी देर तक वह रूबी से बात करते रहे।
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कमरे में रखने की बात सही है, लेकिन राष्ट्रपति संग प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों का फोटो कराने की अनुमति कई अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद मिलती है। यह कराना गार्ड की हैसियत से बाहर की बात है। देव सिंह ने बताया कि रूबी चौधरी के अकादमी में आने-जाने के लिए अंदरूनी और बाहरी सुरक्षा में लगे लोग जिम्मेदार हैं।

कार्रवाई में नपेंगे कई अधिकारी और कर्मचारी
एलबीएस अकादमी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में कई अधिकारी और कर्मचारी फंस सकते हैं। केंद्रीय अधिकारियों के निर्देश पर इस मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है। इसी बीच प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव ने कहा कि इस घटना के बाद अकादमी के स्टाफ को तत्काल स्थानांतरित कर देना चाहिए।

देश के सर्वोच्च संस्थान एलबीएस अकादमी में राष्ट्रपति संग फर्जी आईएएस रूबी चौधरी के फोटो खिंचवाने और अनधिकृत रूप से छह माह तक गार्ड के कमरे में रहने का मामला गंभीर श्रेणी का है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा होने के कारण आईबी, स्पेशल ब्रांच और स्थानीय अभिसूचना इकाई द्वारा अलग-अलग रिपोर्ट दी गई है। सूत्रों के मुताबिक संवेदनशील मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

जांच में कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरने की आशंका है, क्योंकि अकादमी में प्रवेश से लेकर राष्ट्रपति संग फोटो कराने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की फेहरिस्त लंबी है। ऐसे में वह अपनी जवाबदेही से मुंह नहीं मोड़ सकते हैं।

हालांकि अकादमी प्रशासन इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहा है। उधर, प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आर एस टोलिया ने कहा कि इस प्रकरण की अकादमी बदनाम हुई है। ऐसे में बड़ी कार्रवाई की जरूरत है।

साक्ष्य संकलन के बाद होगी पूछताछ
पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने कहा कि रूबी प्रकरण में साक्ष्यों का संकलन करने के बाद डिप्टी डायरेक्टर से पूछताछ की जाएगी। केवल बयान से आरोप को साबित करने के लिए साक्ष्य जरूरी होते हैं। एसआईटी बिना किसी दबाव के काम कर रही है।
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रूबी के ननदोई के मकान की तलाशी, पांच घंटे पूछताछ

रिमांड पर ली गई फर्जी आईएएस रूबी चौधरी को उत्तराखंड पुलिस मंगलवार को मेरठ में गंगानगर लाई। उसके ननदोई के बंद मकान में घंटों छानबीन चली। पुलिस अपने साथ रूबी की एलबीएस की वर्दी, आई कार्ड, किताबें और अन्य दस्तावेज कब्जे में ले लिए। उत्तराखंड पुलिस कुछ भी बोलने से बचती रही। देर रात तक उत्तराखंड पुलिस मेरठ में डेरा डाले रही।

मंगलवार दोपहर तीन बजे उत्तराखंड पुलिस विकासनगर के सीओ डॉ. किशोर कुमार सिंह, मसूरी थाने के  एसएचओ चंदन सिंह बिष्ट और आरआई महेश जोशी, अधिवक्ता अरुण खन्ना के साथ रूबी चौधरी को लेकर गंगासागर (गंगानगर) स्थित एफ-83 मकान पर पहुंची। यह मकान रूबी चौधरी के ननदोई किरणपाल सिंह का है।

टीम ने मकान में प्रवेश करते ही सभी दरवाजे बंद कर लिए। इसके बाद करीब पांच घंटे गहनता से पूछताछ की गई और घर की तलाशी ली गई।

वहां से उत्तराखंड पुलिस ने रूबी की मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान पहनी जाने वाली वर्दी, आई कार्ड, लाईब्रेरी की किताबें सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में ले लिए। इस दौरान सीओ सरधना श्वेताभ पांडेय, थाना रेलवे रोड, नौचंदी, जानी और भावनपुर के अलावा गंगानगर चौकी की पुलिस सहित मौजूद रहे।

चुप्पी साधे रही रूबी
गंगासागर स्थित पांच घंटे की पूछताछ के  बाद पुलिस कस्टडी में बाहर निकली रूबी चौधरी चुप्पी साधे रही। वहीं उत्तराखंड पुलिस भी कुछ भी बोलने से बचती रही।

रूबी को फंसाया गया
रूबी चौधरी के वकील अरुण खन्ना ने मीडिया को बताया कि रूबी को साजिश के तहत फंसाया गया। रूबी 1500 रुपये मासिक किराया देकर एलबीएस के छात्रावास में रहती थी। वकील अरुण के मुताबिक सौरभ जैन ने रूबी को 20 लाख लेकर एलबीएस की लाईब्रेरी में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था, जिसमें रूबी पांच लाख रुपये सौरभ को दे चुकी थी।

कोचिंग सेंटर में भी हुई पूछताछ
गंगानगर में छानबीन के बाद उत्तराखंड पुलिस रात 8: 30 बजे बच्चा पार्क स्टार प्लाजा स्थित महेंद्रा इंस्टीट्यूट पहुंची और स्टाफ से गहन पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक रूबी चौधरी ने मेरठ रहने के दौरान महेंद्रा इंस्टीट्यूट में कुछ दिनों तक आईएएस की कोचिंग ली थी।

फर्जी आईकार्ड बनाने वाले की तलाश
रूबी ने फर्जी आई कार्ड बनवाने के बाद देहरादून स्थित एक दुकान से लेमीनेशन कराई थी। उत्तराखंड पुलिस मेरठ से लौटने के बाद उस दुकानदार से भी पूछताछ कर सकती है।
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