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फर्जी IAS प्रकरणः पुलिस रिमांड पर रूबी चौधरी

Mon, 06 Apr 2015 04:04 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में छह माह तक फर्जी आईएएस बनकर रहने की आरोपी रूबी चौधरी को देहरादून पुलिस ने चार दिन की रिमांड पर लिया है।
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रूबी के धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने होने वाले बयान इस मामले में अहम साबित होंगे। यदि उसने अकादमी के किसी अधिकारी का नाम लिया तो उसका कानूनी प्रक्रिया में फंसना तय है। शनिवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेशी में रूबी ने अपनी गलती मान ली थी।

देखना यह है कि रूबी अब क्या बयान देती है। अकादमी के अफसरों को घेरे में लेती है या अपनी गलती मानकर इसकी सजा भुगतने को तैयार रहती है।

कानून के जानकारों के मुताबिक यदि वह अपराध कबूल करती है तो अदालती फैसले के दौरान यह उसी के खिलाफ जाएगा। मजिस्ट्रेट के सामने रूबी का बयान सोमवार को दर्ज हो सकता है। उसके बयान पर हर किसी की नजर टिकी है। हालांकि यह बयान गोपनीय होते हैं।
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रूबी भले पुलिस और मीडिया के सामने कुछ भी कहती रही हो, लेकिन मजिस्ट्रेट के सामने होने वाले बयान इस मामले को नया मोड़ दे सकते हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी के मुताबिक 164 के बयान में वह जिस पर आरोप लगाएगी वह जांच के दायरे में आ जाएगा।
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रूबी के खिलाफ बढ़ेगी धारा

पुलिस को हर हाल में उनके खिलाफ जांच करनी होगी, इसके अलावा कोर्ट समन जारी कर उन्हें तलब कर सकती है। वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश मित्तल बताते हैं कि मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करने पहले से पहले उससे पूछा जाएगा कि वह किसी दबाव में तो नहीं है।

उसे यह भी बताया जाएगा वह अपराध कबूल करती है तो सजा हो सकती है। अधिवक्ता आरएस राघव के मुताबिक बयान में जुर्म कबूलने के बाद भी अभियोजन पक्ष को अपराध साबित करना होगा। अधिवक्ता दीपक कुमार बताते हैं कि 164 के बयान दर्ज होने के बाद आरोपी मुकरता है तो यह उसके खिलाफ जाएगा।

अधिवक्ता मनोज मल्होत्रा बताते हैं कि इस प्रकरण में दो या उससे अधिक लोग शामिल हैं। ऐसे में आरोपियों पर 120 बी (षड्यंत्र) की धारा बढ़ना तय है।

आखिर किसे बचा रही पुलिस
कानून के जानकारों के मुताबिक गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर महिला के मजिस्ट्रेटी बयान हो जाने चाहिए थे, लेकिन पुलिस ने 48 घंटे बाद भी बयान दर्ज नहीं कराए।

वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी बताते हैं कि इसकी एक वजह यह हो सकती है कि मजिस्ट्रेट के सामने रूबी ने एक बार मुंह खोल दिया तो उससे लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के बड़े अधिकारी कटघरे में आ सकते हैं।
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