सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 साल की लड़की ने खुद अपने गैंगरेप का प्लान बनाया। इसके बाद जो हुआ उस उस कहानी पर पुलिस भी यकीन नहीं कर पाई।
दरअसल, प्रेमी के शादी से इनकार करने पर ही किशोरी ने गैंगरेप की मनगढ़ंत कहानी रची थी। देर रात चली पुलिस की भागदौड़ और किशोरी से सख्ती से हुई पूछताछ के बाद गैंगरेप का चंद घंटों में पटाक्षेप हो गया।
किशोरी से रेप करने के आरोप में पुलिस ने प्रेमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गैंगरेप की गुत्थी चंद घंटों में सुलझने के बाद हरिद्वार पुलिस ने राहत की सांस ली है।
शुक्रवार को रानीपुर क्षेत्र की एक किशोरी को बहला फुसलाकर पिरान कलियर क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस में ले जाकर गैंगरेप करने का मामला सामने आया था। हिंदू संगठनों के सक्रिय होने पर रानीपुर पुलिस ने शनिवार को सलमान, साजिद को नामजद करते हुए छह युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। जांच शुरू होने के चंद घंटों बाद ही गैंगरेप की कहानी साफ हो गई।
दरअसल, प्रेमी के शादी से इनकार कर देने पर ही पंद्रह साल की किशोरी ने गैंगरेप की पटकथा लिख दी थी। कोतवाली प्रभारी ऐश्वर्य पाल ने बताया कि किशोरी का सलमान उर्फ राजेश पुत्र इकबाल अली निवासी गांव सलेमपुर से दो माह से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
झूठ बोलकर किराए पर मांग रही थी कमरा
सात दिसंबर की रात को किशोरी ने युवक से मोबाइल फोन पर संपर्क साधकर आठ दिसंबर को मिलने के लिए बुलाया था। बताया कि सिडकुल के पेंटागन मॉल के पास युवक अपने दोस्त के साथ किशोरी से मिला था और पेंटागन मॉल के पीछे युवक ने किशोरी को सुनसान स्थान पर ले जाकर शारीरिक संबंध बनाए थे।
इस दौरान उसका दोस्त मौजूद नहीं था। फिर जब किशोरी ने घर न जाने की बात कहकर सलमान से शादी करेने के लिए कहा तब सलमान उसे वापस घर के पास छोड़कर अपने घर चला गया। अपने घर न जाकर किशोरी सलेमपुर पहुंच गई, जहां एक व्यक्ति ने उससे जबरदस्ती करनी चाही।
यही नहीं किशोरी ने खुद को देहरादून की रहने वाली बताते हुए कमरा भी किराये पर लेने का प्रयास किया, लेकिन एक मकान मालिक ने सूझबूझ का परिचय दिया। किशोरी के पास मिली डायरी से उक्त व्यक्ति का संपर्क किशोरी के पिता से हो गया।
इसके बाद किशोरी ने गैंगरेप की कहानी गढ़ दी। कोतवाली प्रभारी के अनुसार किशोरी से रेप करने के आरोप में पेशे से पत्थर की घिसाई करने वाले युवक सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया है।
ऐसे खुली गैंगरेप की परतें
ऐसे खुली गैंगरेप की परतें
दरअसल पुलिस जब किशोरी को लेकर पिरान कलियर के उस गेस्ट हाउस पर पहुंची जहां उसने गैंगरेप होना बताया था तो वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में किशोरी और युवकों का आना जाना दिखाई नहीं दिया। न ही आरोपी बताए जा रहे सलमान के मोबाइल फोन की लोकेशन पिरान कलियर में आई।
यही नहीं दूसरे नामजद आरोपी साजिद की लोकेशन भी देहरादून में आई, जिसकी दोस्ती पहले किशोरी से रही थी। पुलिस का माथा यही ठनक गया। इसके इसके जब पुलिस ने सख्ती से किशोरी से पूछताछ की तो उसने सब सच उगल दिया। माना जा रहा है कि किशोरी पहले भी पिरान कलियर गई है क्योंकि वह भौगोलिक परिवेश से वाकिफ है।
हैरान रह गई पुलिस
सातवीं कक्षा की छात्रा के गैंगरेप की कहानी रचेने से हरिद्वार पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस के आला अफसर भी एक बारगी सन्न रह गए। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि साधारण परिवार की किशोरी इस तरह की कहानी भी रच सकती है। एक पुलिस अफसर का कहना था कि किशोरी का दिमाग एक परिपक्व महिला की तरह ही है।