उत्तराखंड के रुड़की में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। फेसबुक के चक्कर में एक युवक को जान गवानी पड़ी। लापता छात्र का शव मिलने से भड़के परिजनों ने शनिवार को जमकर हंगामा किया। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए गंगनहर कोतवाली इंचार्ज के साथ धक्का मुक्की भी की।
छह अक्टूबर को गायब हो गया था अंशुल
एसपी देहात ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर भीड़ को शांत किया। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के पुरानी तहसील निवासी किराना की दुकान करने वाले राकेश मित्तल का 18 साल का बेटा अंशुल मित्तल छह अक्तूबर को लापता हो गया था। इससे पहले दोस्तों ने उसके साथ मारपीट करते हुए उसका मोबाइल फोन तक छीन लिया था।
रेलवे ट्रैक पर मिला शव
इसी रात रेलवे पुलिस को पीरबाबा कालोनी के पास रेलवे ट्रैक से अंशुल का शव लावारिस हालत में पड़ा मिला, लेकिन दो दिन तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। सात नवंबर को अनहोनी की आशंका जताते हुए परिजनों ने गंगनहर कोतवाली में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। अंशुल की बरामदगी को लेकर पुलिस प्रयासों से परिजन संतुष्ट नहीं थे। शनिवार सुबह राकेश मित्तल ने सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखे शव की पुत्र अंशुल के रुप में शिनाख्त की तो परिजनों और उनके रिश्तेदारों में आक्रोश फैल गया।
पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप
परिजनों और रिश्तेदारों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि उनकी आशंका के बावजूद पुलिस ने एक बार सांठगांठ कर आरोपियों को छोड़ दिया था। दूसरी बार दबाव में हिरासत में तो ले लिया, लेकिन उनसे सख्ती से पूछताछ नहीं की।
पुलिस से खफा परिजनों ने गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के साथ धक्का मुक्की तक की। इसी बीच एसपी देहात अजय सिंह, सीओ मंगलौर जेबी पांडेय सिविल लाइन पुलिस को लेकर अस्पताल आए। एसपी ने पीड़ित परिवार की बात सुनने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाया, तब जाकर लोग शांत हो सके।
दोस्त की बहन से चेटिंग करने पर हो चुकी थी मारपीट
एसपी ने बताया कि छात्र के अपहरण का मुकदमा पहले ही दर्ज कर लिया गया है। उसकी गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हो गई है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने हत्या के शक में चार युवकों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक आरोपी अपने साथियों के साथ बहन से फेसबुक पर बात करने के शक को लेकर अंशुल से मारपीट कर चुका था।