उत्तराखंड में विदेशी मुद्रा के अवैध कारोबार का पहला मामला पकड़ा गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देहरादून के राजपुर रोड और घंटाघर स्थित दो प्रतिष्ठानों पर छापा मारकर लाखों की विदेशी मुद्रा के अवैध कारोबार का खुलासा किया है।
छापे में अफसरों को बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा और इस कारोबार से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। ईडी का दावा है कि दस्तावेज की जांच में इस अवैध कारोबार की कई और कड़ियां खुलेंगी। दोषियों के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रवर्तन निदेशालय को शहर में विदेशी मुद्रा के अवैध कारोबार की बराबर सूचना मिल रही थी।
अमेरिका और सिंगापुर के डॉलर के साथ कई देशों की करेंसी
dollar
जांच के बाद ईडी के उत्तराखंड प्रभारी पीके चौधरी की अगुवाई में टीमों ने घंटाघर स्थित न्यू सहदेव ज्वैलर्स और गांधी पार्क के सामने रेडीमेड कपड़े की दुकान लॉस वेगास पर शुक्रवार को छापा मारा।
ज्वैलर्स के यहां से अमेरिका और सिंगापुर के डॉलर मिले। इसी तरह लास वेगास से सात देशों की विदेशी मुद्रा बरामद की गई। इसमें यूरो, थाईलैंड की मुद्रा भात, अमेरिकी और कनाडियन डालर, चीन की मुद्रा युवान आदि बरामद की गई है। मुद्रा रखने से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रतिष्ठान स्वामी नहीं दिखा पाए।
पुरानी करेंसी के बदले देते विदेशी मुद्रा
करेंसी एक्सचेंज
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इस पर ईडी ने मुद्रा और इस कारोबार से जुड़े अभिलेख जब्त कर लिए हैं। सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के बाद विदेशी मुद्रा का अवैध कारोबार करने वालों ने बड़े पैमाने पर हजार और पांच सौ के नोट के बदले विदेशी मुद्रा लोगों को दी।
इस कारोबार में लोगों ने करोड़ों का वारा-न्यारा किया। ईडी प्रभारी चौधरी ने बताया कि अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ फेमा के तहत कार्रवाई की जाएगी। अभिलेखों की छानबीन की जा रही है। इस संबंध में बहुत पहले से शिकायत मिल रही थी। विदेशी मुद्रा का अवैध कारोबार सालों से चल रहा है।