एजुकेशन हब के तौर पर मशहूर राजधानी देहरादून के स्कूल-कॉलेजों के छात्रों के बीच चरस, गांजा, स्मैक की बढ़ती लत की खबरों के बाद पुलिस ने नशे के सौदागरों पर शिकंजे का अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया।
715 ग्राम चरस बरामद
इस अभियान में सरगना समेत राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों से दस सप्लायरों को गिरफ्तार कर लिया गया। सहसपुर क्षेत्र में चरस और स्मैक की बड़ी सप्लाई आने की सूचना पर बृहस्पतिवार को सीओ विकासनगर एसके सिंह ने टीम गठित की। टीम ने सहसपुर बाजार से दो लोगों को गिरफ्तार किया, उनसे 715 ग्राम चरस बरामद हुई।
स्मैक पेपर के साथ गिरफ्तार
पता चला कि गिरोह के अन्य लोग बंसीवाला के जंगल हैं। दबिश में पुलिस ने चार युवकों को स्मैक और स्मैक पेपर के साथ गिरफ्तार कर लिया। कुल एक किलो चरस और स्मैक मिली। एसटीएफ और पटेलनगर पुलिस ने एक किलो चरस के साथ दो युवकों को मेहूंवाला में पकड़ लिया। उधर, पटेलनगर पुलिस ने बुधवार देर रात एसजीआरआर पब्लिक स्कूल के बाहर दो युवकों को पकड़ लिया। उनसे पचास ग्राम ब्राउन शुगर (स्मैक) बरामद हुई।
ये हुए गिरफ्तार
सहसपुर: गैंग का मास्टरमाइंड यूसुफ पुत्र मजीद निवासी जमनपुर, सहसपुर, रियासत अली पुत्र शौकत अली निवासी शंकरपुर थाना सहसपुर, जावेद पुत्र जहीर खान निवासी सहसपुर, शैलेंद्र ढाका पुत्र ओमवीर सिंह निवासी कांवली रोड, संजीत पुत्र भगवान निवासी बेरी झज्जर, हरियाणा और मनीष कुमार पुत्र राकेश कुमार निवासी विजय पार्क, सीओ एसके सिंह ने बताया कि युसूफ दून के बड़े सप्लायरों में शामिल है
मेहूंवाला: मेहूंवाला में एसटीएफ और पटेलनगर पुलिस ने सूरज पुत्र सुमेरचंद निवासी तेलपुरा और नवीन कुमार पुत्र सुरेंद्र कुमार निवासी चकराता
पटेलनगर: गौरव पुत्र शिवसिंह रावत निवासी मंदिर मार्ग बल्लूपुर थाना कैंट और गोपाल दानू पुत्र नारायण सिंह निवासी देवाल तहसील थराली जिला चमोली
एक के पिता रिटायर्ड डीएसपी
गिरफ्तार युवकों में शामिल शैलेंद्र ढाका के पिता यूपी पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी हैं। संजीत ग्राफिक एरा विवि में बीएससी एग्रीकल्चर का छात्र है, जबकि मनीष डीएवी में बीएससी सेकंड ईयर का छात्र है। गौरव और गोपाल डीएवी से बीए प्रथम वर्ष प्राइवेट कर रहे हैं। दोनों दून के स्कूलों और संस्थानों के हास्टलों में ब्राउन शुगर सप्लाई करते हैं। वे बरेली से ब्राउन शुगर लाते हैं।