प्रदेश की राजधानी में शव से किडनी निकालने के आरोप पर परिजनों ने दून अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने शव के दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की। देर शाम अस्पताल प्रशासन ने इस तरह के आरोपों से साफ इनकार किया। परिजनों ने जिलाधिकारी से भी मामले की जांच कराने की मांग की है।
सड़क हादसे में हुई थी मौत
देवऋषिनगर, देहराखास निवासी विशाल ठाकुर उर्फ शानू (28) पुत्र प्रेमनाथ कंडक्टर था। बृहस्पतिवार को आईएसबीटी के समीप अज्ञात वाहन की टक्कर से विशाल घायल हो गया था। शुक्रवार देर रात उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को परिजनों ने देखा कि शव के बायीं तरह छेद हो रखा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि शव से किडनी निकाली गई है।
हत्या की आशंका
परिजनों ने युवक की हत्या की आशंका जताते हुए जिलाधिकारी से दोबारा पोस्टमार्टम कराने और गहन जांच की मांग की। इसे लेकर सोमवार को उन्होंने दून अस्पताल में हंगामा भी किया। विशाल की मां संतोष सिंह (58) ने बताया कि उनका छोटा बेटा बिट्टू भी पिछले साल संदिग्ध परिस्थितियों के चलते करंट लगने से मर गया था। अब दूसरे बेटे को भी किसी ने साजिश कर मार डाला है।
गलतफहमी में हुआ हंगामा
डॉक्टरों के समझाने पर परिजन देर शाम अस्पताल से जाने को तैयार हुए। दून अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने किडनी चोरी किए जाने के आरोप को निराधार बताया। पोस्टमार्टम के बाद शव की स्थिति देखकर परिजनों को गलतफहमी हो गई थी।