सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीन गुप्ता की मौत का रहस्य अब भी बना हुआ है। काल डिटेल की जांच से पता चला कि घटना से पहले डॉ. गुप्ता ने शुक्रवार रात्रि 9.57 बजे पत्नी रेनू से बात की थी।
डॉक्टर के ससुर ने बताया कि इस मामले में उनकी बेटी मुकदमा दर्ज कराने के लिए हल्द्वानी आएगी। वहीं, पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद इंडस्ट्रियल स्टेट निवासी भगत स्वरूप अग्रवाल का कहना है कि उनकी बेटी रेनू अपने पति की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज कराना चाहती है।
आज डॉक्टर का अंतिम संस्कार हुआ है। घटना के चलते उसकी तबियत खराब हो गई है। स्थिति में सुधार होने पर वह हल्द्वानी आएगी। क्योंकि वह भी पति की मौत के कारणों के बारे में जानना चाहती है।
पिता नहीं दर्ज कराना चाहते मुकदमा
इधर, फोन पर अमर उजाला से बातचीत में डाक्टर के पिता रमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि अभी बेटे का क्रिया-कर्म करना है। मौत से पहले उसने कुछ ऐसा नहीं बताया था, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कराया जा सके। वह अब रिपोर्ट दर्ज कराने के इच्छुक नहीं हैं। डॉक्टर के बड़े भाई सचिन के ऊपर अब सारी जिम्मेदारी है।
डॉक्टर ने सुसाइड नोट में बड़ी हस्तियों के नाम
बता दें कि डॉ. नवीन गुप्ता (40) का लहूलुहान शव चित्त अवस्था में शनिवार को मेडिकल कॉलेज परिसर के डी ब्लॉक के सामने मिला था। कार और कमरे की चाबी मिलने के बाद पुलिस ने माना कि डॉक्टर ने चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की है।
डॉक्टर ने घटना से तीन दिन पहले मेडिकल पुलिस चौकी में पेन ड्राइव और पत्नी के मेडिकल सर्टिफिकेट गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चौकी प्रभारी को संबोधित तीन सुसाइड नोट में डाक्टर ने दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग, जामिया की डीन डॉ. रागिनी, सुशीला तिवारी अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित के साथ ही विभाग के कई डाक्टरों के आरोप लगाए हैं।
सुसाइड नोट में डॉक्टर ने लिखा है कि इन लोगों ने उसकी पेन ड्राइव, पत्नी का सर्टिफिकेट गायब करने के अलावा उसका अकाउंट हैक कराया है। डाक्टर ने सुसाइड नोट में अपने को अंडरवर्ल्ड से भी खतरा बताया है। एसओजी ने कॉल डिटेल मंगाकर सारी जानकारी हासिल कर ली है।
नौकरानी से पुलिस ने नहीं की पूछताछ
सुशीला तिवारी अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीन गुप्ता की मौत के मामले में पुलिस ने दूसरे दिन भी किसी से पूछताछ नहीं की है। मेडिकल कॉलेज के ब्लॉक डी टाइप थ्री में रहने वाले पड़ोसियों ने बताया कि उजाला नगर क्षेत्र निवासी नौकरानी शहाना डॉक्टर के यहां काम करती थी।
वह एक टाइम ही घरेलू कामकाज के लिए आती थी। पुलिस ने अब तक नौकरानी से भी पूछताछ नहीं की है। कोतवाल आरएस मेहता का कहना है कि मामला आत्महत्या से जुड़ा है। इस कारण अभी ज्यादा खोजबीन नहीं की गई है।
इस मामले में मुकदमा दर्ज करने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के दोनों गेटों पर तैनात गार्डों का कहना है कि वे डॉक्टर को अच्छी तरह से पहचानते नहीं थे। अखबार में फोटो छपने पर उन्हें जानकारी मिली।