उत्तराखंड के रुद्रपुर में मंगलवार को सामने आए सनसनीखेज मामले में हैवान आरोपी अपनी पत्नी और बेटी को मारने के बाद 72 घंटे तक उनकी लाशों के बीच बैठा रहा।
मेरठ की जागृति विहार कॉलोनी निवासी शेयर ब्रोकर पंकज चौहान ने पत्नी और बेटी की मौत का तानाबाना मेरठ से ही बुन लिया था। उत्तराखंड में रुद्रपुर के जिस होटल में पंकज ठहरा था, उसकी पूरी जानकारी पंकज को पहले से ही थी।
उसे यह भी मालूम था कि होटल में ज्यादा भीड़भाड़ नहीं रहती है और तीसरी मंजिल तक तो गेस्ट आते भी नहीं हैं। इसलिए उसने 30 अक्तूबर को होटल के तीसरी मंजिल पर अपनी पसंद का कमरा नंबर 201 को चुना।
वारदात को अंजाम देने के दौरान उसे पता था कि यदि 36 वर्षीय पत्नी मृदुला चौहान और 11 वर्षीय बेटी वरन्या को जब ठिकाने लगाया जाएगा तो वहां से उनके चीखने की आवाज किसी को सुनाई नहीं देगी।
ठीक इसी प्लान से वह अपने परिजनों को गुड़गांव कहकर जाने की बात बताकर सीधे मेरठ से रुद्रपुर चल दिया। पंकज के बैग से एक नया चाकू और बाकायदा फांसी वाली मोटी रस्सी भी उसने रुद्रपुर से नहीं खरीदी, बल्कि मौत का यह सारा सामान वह मेरठ से ही लेकर चला था।