देहरादून के एक संत निरंकारी सत्संग भवन में हुए डबल मर्डर केस का सच सामने आ गया है। पुलिस हिरासत में वाहन चालक ने मौत की पूरी कहानी उगल दी।
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चौकीदार और सेवादार सोनू कुमार की मौत का सच सामने आ गया है। हिरासत में मौजूद वाहन चालकों में से एक ने सब कुछ कबूल लिया हैं। सूत्रों का दावा है कि बृहस्पतिवार रात अंधेरे में वाहन बैक करते समय एक हादसे का शिकार हो गया था, दूसरे ने जब इसका विरोध किया तो उसकी जिंदगी छीन ली गई।
हरिद्वार बाईपास स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में शुक्रवार सुबह चौकीदार कमल राम और सेवादार सोनू के शव बरामद हुए थे। पुलिस ने प्रथम दृष्टया माना था कि जिस तरह उनके शरीर के कई हिस्सों की हड्डियां टूटी हुई हैं, उससे वाहन चढ़ने की उम्मीद ज्यादा है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस की थ्योरी को पुष्ट करती है। यही वजह है कि पुलिस ने सत्संग भवन में निर्माण सामग्री लेकर आए वाहन चालकों पर ही शिकंजा कसा। पुलिस सूत्रों की मानें तो एक वाहन चालक ने मौत की पूरी कहानी उगल दी है।
चालक का कहना है कि चौकीदार कमलराम बैटरी से वाहन को बैक करा रहा था। इसी दौरान डंपर उसके ऊपर चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सोनू विरोध करते हुए ड्राइवर साइड की खिड़की पर लटक गया। एक बार तो चालक ने सोनू को धक्का देकर नीचे गिरा दिया, जिससे उसके हाथ में चोटें आई हैं। इसके बाद सोनू के आधे हिस्से पर भी वाहन चढ़ा दिया। सूत्रों की मानें तो पुलिस को यह भी बताया गया कि वाहन से नीचे उतरकर भी सोनू पर हमला किया गया।
हत्या कर शवों को सत्संग भवन के निर्माणाधीन स्थान पर दिया था फेंक
पुलिस वाहन चालक के बयान का सत्यापन करने में लगी है। शनिवार को भी चालक से कई दौर की बातचीत हुई, मगर वह इससे आगे नहीं बढ़ पा रहा है। रविवार को इस मामले में पुलिस विधिवत खुलासा कर सकती है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि अभी जांच चल रही है। कई तरह की बात सामने आई हैं, जिनका सत्यापन कराया जा रहा है।
निरंकारी सत्संग भवन के चौकीदार कमलराम और सेवादार सोनू कुमार की मौत एक्सीडेंटल चोटों से हुई है। शनिवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का यही कारण बताया गया है। सबसे ज्यादा चोटें चौकीदार के शरीर पर हैं, क्याेंकि उसके ऊपर वाहन चढ़ा है, जबकि सोनू कुमार का कम हिस्सा प्रभावित हुआ है।
वैसे तो दोनों की कूल्हे की हड्डी टूटी होने के अलावा लीवर भी फटा हुआ है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत एक्सीडेंटल चोटों से होने की पुष्टि हुई है।
अंतिम संस्कार के बाद सोनू कुमार के पिता ठेकेदार राजबीर सिंह की तरफ से तहरीर दी गई थी कि उनका पुत्र सोनू और एक अन्य व्यक्ति कमलराम जो संत निरंकारी सत्संग भवन में नौकरी करते थे, 14 दिसंबर की रात उनकी हत्या कर शवों को सत्संग भवन के निर्माणाधीन स्थान पर फेंक दिया गया।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है, मगर कार्रवाई जांच में आने वाले तथ्यों के आधार पर ही होगी। दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए थे।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले की विवेचना वरिष्ठ उप निरीक्षक यादविंदर सिंह बाजवा को सौंपी गई है। इस मामले में एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि परिजनों की तरफ से जिस तरह की तहरीर आई है, उस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में जिस तरह के तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के हिसाब से कार्रवाई होगी।