फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नशीले कैप्सूल बेचने के लिए बने डॉक्टर

Fri, 01 Nov 2013 07:46 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
नशीले कैप्सूल बेचने के लिए इस्लाम और असलम ने नया आइडिया इजाद किया। दोनों के कारनामे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। उत्तराखंड के देहरादून में पकड़े गए दो भाईयों से पूछताछ में इस्लाम और असलम से पूछताछ में पुलिस कर्मी भी चकरा गए।
विज्ञापन


दोनों को नशीले कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया है। एक भाई फर्जी डॉक्टर बनकर कई साल से विकासनगर में क्लीनिक भी चला रहा था। नशीले कैप्सूल को वह शिक्षण संस्थानों के छात्रों को बिचौलिए के जरिए पहुंचाते थे।

दोनों को भेजा जेल
पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। एसएसपी केवल खुराना ने टीम को ढाई हजार रुपए इनाम दिया है।शुक्रवार सुबह राजपुर पुलिस ने मसूरी डायवर्जन पर बिना नंबर की बाइक पर सवार दो युवकों को रोका।
विज्ञापन


बाइक की टंकी में 80 डिब्बों में बेक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइट, डेक्सस्ट्रापॉक्सीफिप और एसिटामिनोफेन के 6400 कैप्सूल मिले। बरामद कैप्सूल की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। युवकों के पास दवा बेचने का लाइसेंस भी नहीं था। उनकी पहचान इस्लाम और असलम पुत्र शमशेर निवासी सहसपुर के रूप में हुई।

मरहम पट्टी की आड़ में बेचता था नशा
इस्लाम मरहम, पट्टी, बुखार और छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज की आड़ में लोगों को नशीले कैप्सूल का ग्राहक बनाता था। ये कैप्सूल उन्होंने विकासनगर स्थित साईं मेडिकल स्टोर से खरीदे थे। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक को भी गिरफ्तार किया जाएगा। लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए सीएमओ को लिखा जा रहा है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें