रुड़की जेल के बाहर गैंगवार में चीनू पंडित गैंग के तीन लोगों की हत्या के मामले में तत्कालीन डिप्टी जेलर और बंदीरक्षक जल्द कानून के शिकंजे में होंगे।
विवेचक ने गिरफ्तारी के लिए कोर्ट में वांरट जारी करने के लिए प्रत्यावेदन दिया है। उधर पटियाला में पकड़े गए अमित उर्फ भूरा और सचिन समेत चार आरोपियों को 13 अप्रैल को रुड़की कोर्ट में तलब किया गया है।
रुड़की जेल कांड के मामले में पहले दिन से ही डिप्टी जेलर राकेश वर्मा और बंदीरक्षक आनंद प्रकाश की भूमिका संदिग्ध रही है। जेल में बंद सुनील राठी को मोबाइल और दूसरी सुविधाएं जेल प्रशासन की सांठगांठ से ही उपलब्ध हुई थी।
राठी ने सुनियोजित तरीके से जेल से रिहा होते समय पांच अगस्त को चीनू पंडित की हत्या की योजना बनाई थी। किस्मत से चीनू बच गया, लेकिन तीन लोग मारे गए थे।