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किडनी कांड: जांच के दायरे में आए दिल्ली के कई अस्पताल और लैब

Wed, 04 Oct 2017 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल की आड़ में किडनी की खरीद-फरोख्त के काले धंधे में दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों के साथ तीन पैथोलॉजी लैब भी जांच के दायरे में आ गई हैं। एंबुलेंस चालकाें से हुई पूछताछ में इन अस्पतालों और लैब में किडनी डोनर और मरीजों को ले जाने की बात सामने आई है।
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अब एसआईटी की टीम दिल्ली जाकर मरीजों का सत्यापन करेगी, क्योंकि एंबुलेंस की एंट्री बुक में मरीज के नाम के साथ अस्पताल का उल्लेख किया गया है। यह जांच में ही साफ हो पाएगा कि किडनी गैंग के तार किससे कहां तक जुडे़ हैं।

देहरादून और हरिद्वार पुलिस ने 10 सितंबर की रात को लालतप्पड़ में उत्तरांचल डेंटल मेडिकल कालेज परिसर में गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल की आड़ में किडनी निकालने और ट्रांसप्लांट के खेल का खुलासा किया था।
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किडनी सरगना डॉ.अमित समेत 11 लोगों को जेल भेजा चुका है, जबकि अक्षत राउत समेत तीन लोग फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पूछताछ के दौरान दिल्ली की तीन पैथोलॉजी के नाम सामने आए हैं, जिनमें से एक रोहिणी इलाके में है।

यहां पर किडनी डोनर और किडनी ट्रांसप्लांट कराने वालों के सिटी स्कैन आदि टेस्ट कराए जाते थे। इसके अलावा एंबुलेंस चालकों ने बताया कि यहां से मरीजों को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल, अपोलो अस्पताल और नरेल फैब्रिस करनाल बाईपास अस्पताल भी उपचार के लिए ले जाया गया है।

एंबुलेंस चालकों से एंट्री बुक भी मिली है, जिसमें मरीजों के नाम के साथ संबंधित अस्पताल का नाम भी दर्ज है। एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान प्रकाश में आई पैथालॉजी लैबों और संबधित अस्पतालों में गए मरीजों के सत्यापन हेतु पुलिस टीम गठित की गई है, जो जल्द दिल्ली जाकर सत्यापन करेगी।
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