प्रेमनगर में गैंगरेप पीड़िता ने एसएसपी को पत्र भेजकर अपने मजिस्ट्रेटी बयानों में बदलाव करने की मांग की है। हालांकि, अभी इस पत्र पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
इधर, इस कांड का चौथा आरोपी सागर चांदना भी उच्च न्यायालय से स्टे लेने में कामयाब हो गया है। जबकि, इससे पहले दो मुख्य आरोपी जितेंद्र तनेजा और अजय अरोड़ा घटना के अगले ही दिन ही हाईकोर्ट से स्टे ले चुके थे। गत 27 जून को पुलिस अपनी कमजोर पैरवी के चलते उनके स्टे को रद्द नहीं करा सकी थी, लिहाजा कोर्ट ने उन्हें 19 जुलाई तक का और वक्त दे दिया।
दरअसल, दो आरोपियों ने तो अगले ही दिन हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। जबकि, एक आरोपी एक महीने पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा और अब जब वह पुलिस के पास आया तो उसके हाथ में कोर्ट का स्टे ऑर्डर था। बताया जा रहा है सागर चांदना की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने 30 जुलाई तक की रोक लगाई है। अब तक जो हुआ उसमें पुलिस की कमजोर पैरवी की बात ही सामने आ रही है। इस बात को खुद पुलिस अधिकारी भी मान रहे हैं।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि अभी मुकदमे में चार्जशीट जमा नहीं की गई है। पुलिस अपनी ओर से हाईकोर्ट में स्टे के विरोध में काउंटर कर रहें हैं, लेकिन पुलिस के पक्ष का कमजोर रह जाता है। यह कमजोरी किस स्तर पर आ रही है, इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि पीड़िता का पत्र उन्हें मिला था कि उसे मजिस्ट्रेटी बयान बदलवाने हैं, लेकिन यह पुलिस के हाथ में नहीं है। इस प्रकरण पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है।