देहरादून नारी निकेतन में सामने आए शारीरिक शोषण के मामले में कुछ बाते ऐसी है जो इस काले कारनामे के पीछे किसी सफेद पोश के होने की तरफ इशारा कर रहे हैं।
नारी निकेतन में संवासिनी के शारीरिक शोषण और गर्भपात कराने वालों को वहां के दो संविदा कर्मचारी ही थे, तो वहां के अधिकारी और कर्मचारी पहले दिन से पूरी घटना पर पर्दा डालने में क्यों लगे रहे? आखिर दो अदने से संविदा कर्मचारियों को बचाने में नारी निकेतन के अधिकारियों ने अपनी पूरी ताकत क्यों झोंक दी? सवाल उठता है कि दो छोटे से कर्मचारियों के पास किस बड़े आदमी के राज छिपे हैं, जिसे वह बाहर नहीं आने देना चाहते?
नारी निकेतन में मूक बधिर संवासिनी के गर्भपात की खबर अमर उजाला में छपने के बाद जो रुख वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का रहा उसे देखकर लगता है कि खेल के पीछे कुछ बड़े लोग भी हैं। संवासिनियों के शारीरिक शोषण के संबंध में वीडियो वायरल होने के बाद जांच के लिए नारी निकेतन कई प्रशासन की टीम और मीडिया कर्मियों पर पथराव किया गया। यही नहीं रिपोर्टरों के मुर्दाबाद के नारे तक लगवा दिए गए।
जांच को पहुंची एडीएम झरना कमठान को घेर लिया गया। जांच आगे बढ़ी तो नारी निकेतन के अधिकारी और कर्मचारी उनको सहयोग करने को तैयार नहीं हुए। यह बात गले नहीं उतर रही है कि नारी निकेतन और उससे जुड़े अधिकारियों ने सारा ड्रामा अपनी मर्जी से रचा।
यह सवाल उठना लाजिमी है कि उनकी हरकत के पीछे किसी बड़े को बचाने की मंशा थी, क्योंकि गिरफ्तार आरोपियों की ऐसी हैसियत नहीं है कि उन्हें बचाने के लिए नारी निकेतन के अधिकारी बचाव में उतर जाएं और नौकरी दांव पर लगा दें। हो सकता है कि आरोपियों के पास संवासिनियों के साथ होने वाले शोषण के दूसरे कई मामलों के राज हों, जहां तक पुलिस नहीं पहुंचे इसकी कोशिश में अधिकारी जुटे रहे।
संवासिनी प्रकरण से बदला समाज कल्याण का हुलिया
संवासिनी प्रकरण के उजागर होने के बाद नारी निकेतन की व्यवस्था में बदलाव के साथ समाज कल्याण विभाग का हुलिया भी बदल गया है। खाली पड़े कई पद जिन्हें विभाग ने बिसार दिया था, उन पर अफसरों की तैनाती की जा रही है। सबसे बड़ी बात नारी निकेतन की अंदरूनी व्यवस्था की है।
नारी निकेतन के अमानवीय संवासिनी प्रकरण के बाद अब यहां व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है, काश, ऐसी व्यवस्था अगर पहले हो गई होती तो नारी निकेतन में संवासिनियों को कोई दिक्कत ही नहीं आई होती। नारी निकेतन का पूरा स्टाफ बदले जाने के साथ ही यहां संवासिनियों की देखभाल के लिए भी व्यवस्था कर दी गई है।
पहले यह थी हालत
संवासिनियों को सुनने वाला कोई नहीं था
संवासिनियों को शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं थी
मूक-बधिर भाषा विशेषज्ञ नहीं था
प्रशिक्षित मैट्रन नहीं थी
प्रभारी अधीक्षिका के भरोसे नारी निकेतन चल रहा था
समाज कल्याण में मंडलीय डिप्टी चीफ प्रोबेशन अफसर का पद खाली था
संवासिनियों के स्वास्थ्य परीक्षण की उचित व्यवस्था नहीं थी
मूक-बधिर संवासिनियों का ध्यान नहीं दिया जा रहा था
नारी निकेतन की व्यवस्था पर लापरवाही बरती जा रही थी
जिम्मेदारों को ध्यान नहीं रहता था कि कितनी संवासिनियां बीमार हैं
अफसर नियमित रूप से निरीक्षण नहीं करते थे
बदली व्यवस्था
पहली बार नारी निकेतन में स्थायी जिला प्रोबेशन अधिकारी की नियुक्ति
नारी निकेतन के लिए डिप्टी डायरेक्टर का नया पद सृजित हुआ
मंडलीय डिप्टी चीफ जिला प्रोबेशन अधिकारी के पदों पर होगी नियुक्ति
मूक-बधिर भाषा विशेषज्ञ की तैनाती होगी
प्रशिक्षित मैट्रन की तैनाती का शासनादेश
बालगृहों, नारी निकेतनों, शरणालयों के निरीक्षण का रोस्टर तैयार
त्रैमासिक निरीक्षण में खानपान, स्वास्थ्य आदि व्यवस्थाओं की जांच होगी
निरीक्षण में बताई गईं बातें होंगी क्रॉस चेक
संवासिनियों की शिकायतों के लिए पेटिका टंगी
शिकायतें प्रतिदिन रजिस्टर पर दर्ज होंगी और निस्तारण होगा
मॉनीटरिंग के लिए डिप्टी डायरेक्टर निदेशालय को चार्ज
संवासिनी को विश्वास में लेकर किया गया छल
मूक बधिर संवासिनी विश्वासघात का शिकार हुई। आरोपियों ने पहले पीड़िता और उसकी बच्ची को खाद्य पदार्थ और दूसरे सामान उपलब्ध कराकर अपनत्व दिखाया, बाद में उसका शारीरिक शोषण करते रहे। संवासिनी ने इशारों में दोनों की नजदीकियों का सच बताया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते ने खुलासा किया कि हाशिम काफी दिनों से संवासिनी और उसकी बेटी से जुड़ा है। वह बीच-बीच में दोनों को खाने का सामान दिलाने केसाथ अंगूठी, नेल पॉलिश आदि सामान उपलब्ध कराता रहा। संवासिनी ने इशारों में यह सब बात बताई। दूसरे आरोपी ललित बिष्ट के संबंध में भी इस तरह की बात बताई है।
अन्य के बारे में मारपीट और यातनाओं के बारे में बताया गया है। इसी आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अन्य जिन आरोपियों के नाम आए उनकी भी जल्द गिरफ्तारी हो जाएगी। हाशिम नारी निकेतन में संविदा पर काम करता था, जबकि ललित बिष्ट सितंबर माह से रात की ड्यूटी कर रहा है।
हाशिम का अभी हुआ निकाह
केयर टेकर हाशिम का नवंबर में निकाह हुआ है। दुल्हन लौटने के बाद से वह पुलिस पूछताछ का केंद्र बना है। परिजन को यह मानने को तैयार नहीं है कि हाशिम इस तरह का जुर्म कर सकता है।