जिला सहायक निबंधक ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच के आदेश दिए। जांच कमेटी में दो अपर जिला निबंधक और एक सहायक खंड विकास अधिकारी सहकारिता शामिल थे। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जनवरी में जिला सहायक निबंधक को सौंपी। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया साधन सहकारी समिति सलेमपुर के सचिव को गबन के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।
अधिकारियों की हो सकती है मिलीभगत
ग्रामीण बचत केंद्र गढ़मीरपुर से दो करोड़ 89 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आ रहा है। ऐसे में इतनी बड़ी धनराशि को अकेला सचिव निकालकर गबन नहीं कर सकता। इस धनराशि को निकलवाने में अन्य अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। बताया जाता है कि ग्रामीण बचत केंद्र गढ़मीरपुर में फिलहाल केवल 14 हजार रुपये जमा हैं।
मामले की जांच चल रही है, कुछ हेराफेरी का मामला सामने आ रहा है। अभी अंतिम रिपोर्ट आनी शेष है। सचिव के नियुक्त होने के बाद से जांच कराई जा रही है।
- मनोज कुमार पुनेठा, जिला सहायक निबंधक हरिद्वार।