देहरादून जिले के विकासनगर में स्थित एक नशा केंद्र में भर्ती रोगी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों द्वारा नशा मुक्ति केंद्र पर आरोप लगाने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मनीष कुमार (32) पुत्र स्व. कलम सिंह निवासी राजावाला रोड, बायांवाला, सेलाकुंई शराब का आदी था। मनीष को परिजनों द्वारा चार दिन पहले ज्योति किरन नशा मुक्ति केंद्र हरबर्टपुर रामबाग में भर्ती कराया गया था। लेकिन गुरुवार सुबह मनीष की मौत होने से नशा मुक्ति केंद्र में हड़कंप मच गया।
मृतक की मां महिंद्रा देवी और बहन मनीषा देवी ने आरोप लगाया है कि नशा मुक्ति केंद्र की लापरवाही की वजह से मनीष की मृत्यु हुई है। इस बाबत उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। मनीषा ने बताया कि चार दिन पहले मनीष को यहां भर्ती किया गया था। दो दिन पहले जब वो और उनकी मां मनीष से मिलने आए तो मनीष की हालत बेहद खराब थी।
इस पर दोनों ने मनीष को घर ले जाने का फैसला किया, लेकिन मनीष को घर ले जाने के एवज में नशा मुक्ति केंद्र ने उनसे पचास हजार रुपए देने को कहा। इतने पैसे न होने के कारण दोनों मनीष की लिए बगैर ही वहां से चली गईं। गुरुवार को मनीष की मौत की खबर के बाद दोनों ने नशा मुक्ति केंद्र पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
गुरुवार की सुबह मनीष की तबियत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे लेहमन अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि वह अस्पताल में लाने से पहले ही मर चुका था। पुलिस शव का पोस्टमॉर्टम करने से साथ मामले की जांच में जुट गई है।
Published BY : Nirmala Suyal