चोरों ने अस्पताल की महिला क्लर्क के घर से साढ़े चार लाख रुपये और चार लाख के गहनों पर दिनदहाड़े हाथ साफ कर दिया। घटना डीआईजी और दूसरे पुलिस अफसरों के दफ्तर से चंद कदम की दूरी पर स्थित चिकित्सा विभाग की कालोनी में हुई।
पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। कोरोनेशन अस्पताल में क्लर्क सपना मलिक कालोनी की दूसरी मंजिल पर रहती हैं। सपना के पति प्रेम कुमार मलिक घनसाली में जल निगम में जेई हैं।
फ्लैट के मुख्य दरवाजे में नहीं था ताला
पिछले कुछ दिनों से प्रेम कुमार भी दून में थे। सोमवार सुबह प्रेम कुमार घनसाली चले गए। सपना सुबह दस बजे ड्यूटी के लिए निकली थी। उनके मुताबिक, जब वे शाम पांच बजे ड्यूटी से लौटीं फ्लैट के मुख्य दरवाजे में ताला नहीं लगा था। दरवाजे का कुंडा बंद था।
दरवाजा खोलकर देखा तो ताला तोड़कर अंदर रखा था। चोरों ने दो कमरों में मौजूद दोनों अलमारियों को खंगाला था। बाहर वाले कमरे की अलमारी में कुछ नहीं मिलने पर चोरों ने कपड़े बिखेर दिए।
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अंदर वाले कमरे में की अलमारी का ताला तोड़कर सेफ में रखे साढ़े चार लाख रुपये और करीब चार लाख के सोने के गहने ले गए। गहनों में सोने का हार, जंजीर, कड़े, बालियां, पायल, कुंडल आदि थे। सूचना पाकर सीओ सिटी हरीश चंद सती फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर फिंगर प्रिंट लिए।
बहन को देने थे साढ़े चार लाख रुपये
सपना मलिक के मुताबिक, मायके में मां की मौत के बाद कुछ जमीन बेची थी। उससे मिली रकम का एक हिस्सा साढ़े चार लाख रुपये बहन को देने थे। पिछले जून से यह रकम उनके घर में रखी थी।
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पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी हरीश चंद्र सती ने बताया कि मामले की जांच कराने के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
परिस्थितियां जता रही संदेह
सपना का कहना है कि चोर मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर में घुसे हैं जबकि तोड़ा गया ताला पूरी तरह से टूटा नहीं है। यदि मुख्य दरवाजे के ताले को तोड़ा गया है तो दिन होने की वजह से इसकी आवाज पड़ोसियों को सुनाई देनी चाहिए थी। अभी तक ऐसा कोई पड़ोसी सामने नहीं आया जिसने ऐसी आवाज सुनी हो। सपना के घर में पर्स और दराज में भी करीब पचास हजार रुपये होने की बात कही जा रही है।
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यदि ऐसा था तो चोर उसे क्यों नहीं ले गए? सिर्फ सपना के बहन के हिस्से के रुपये ही चोरी होने की क्यों कहीं जा रही है? बताया जा रहा है कि अलमारियों के लॉक तोड़कर उसमें से गहने और पैसे निकाले गए हैं लेकिन अलमारियों के लॉक पर टूटने के निशान स्पष्ट नहीं हैं। अलमारियों के लॉक यदि तोड़े जाते तो उसकी आवाज भी बाहर तक जाती।
इसके अलावा उस गहरे निशान भी होते। केवल दो अलमारियों को ही क्यों खोला गया? पूरे घर की तलाशी क्यों नहीं ली गई? इससे लगता है कि चोरी करने वालों में कोई जानकार भी था जिसे पैसों और गहने रखे जाने की जानकारी थी।