राजधानी देहरादून में 69 हजार रुपए की जाली करेंसी खपाने आया गाजियाबाद का तस्कर स्पेशल टास्क फोर्स के हत्थे चढ़ गया।
शुक्रवार को उसे ईस्ट रेस्ट कैंप से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उनसे बताया कि वह बिहार के रास्ते जाली करेंसी यूपी, पंजाब और उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करता है।
चार साल से इस खेल में
गाजियाबाद जिले के गांव कल्छीना का रहने वाला यासीन सलमानी लखीमपुर खीरी से जाली करेंसी लेकर सुबह ही बस से दून पहुंचा था। एसटीएफ के एसएसपी सेंथिल अबूधई कृष्णराज एस ने बताया कि गांव में नाई की दुकान करने वाला यासीन चार साल से इस खेल में लिप्त है।
उसका इरादा नकली नोटों को बाजार में उतारना था। एसएसपी के मुताबिक यासीन ने बताया कि वह नकली नोट भागलपुर (बिहार) से खरीदकर लाया है। उसने इस धंधे से जुड़े नेपाल, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के नाम भी बताए हैं।
यूपी और बिहार जाएगी रिपोर्ट
एसएसपी के मुताबिक इस नेटवर्क में शामिल लोगों पर कार्रवाई के लिए यूपी और बिहार पुलिस को रिपोर्ट भेजी जाएगी, क्योंकि अधिकांश लोग इन्हीं राज्यों से जुडे़ हैं।
दोगुने मिलते नकली नोट
जाली करेंसी का धंधा लालच भरा है। 50 प्रतिशत मार्जिन पर नकली नोट मुहैया कराए जाते हैं। मसलन 25 हजार रुपये के नकली नोट देने पर 50 हजार की जाली करेंसी मिलती है। इसके नीचे एक और कड़ी है, जो 35 प्रतिशत लाभ पर नकली नोट लेकर बाजार में उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं।