मेरठ में कैश वैन लूट की वारदात कर फरार बदमाश वीआईपी नंबर (एमपी-04, सीएन 1111) की फॉर्च्यूनर कार में तीन दिन देहरादून की सड़कों पर बेधड़क घूमते रहे।
सिपाही से लेकर डीजीपी तक हरकत में
मगर चेकिंग का दावा करने वाली पुलिस की नजरों में गाड़ी कहीं नहीं खटकी। सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया तो कैद तस्वीरों ने पुलिस के होश उड़ा दिए। इसके बाद सिपाही से लेकर डीजीपी तक हरकत में आ गए।
सहसपुर थाना क्षेत्र के धर्मावाला केपास सफेद फॉर्च्यूनर को पुलिस ने चेकिंग के दौरान दबोचने का दावा तो ठोंक दिया, लेकिन गाड़ी छोड़ने वाले कहां गए, इसका कोई जवाब नहीं। कार के नौ जनवरी को मेरठ में एक्सिस बैंक के बाहर कैश वैन लूट में इस्तेमाल होने का खुलासा होने के बाद पुलिस ने नए सिरे से पड़ताल की।
जिले भर के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए तो तस्वीरें देखकर पुलिस के माथे पर पसीना छलक आया। सूत्रों की माने तो मेरठ में वारदात कर बदमाश यूपी पुलिस को चकमा देकर सीधे दून पहुंच गए। कार तीन दिन दून की सड़कों पर घूमती रही।
हालांकि दून पुलिस किस्मतवाली रही कि बदमाशों ने यहां कोई वारदात नहीं की। दून से निकलकर बदमाश धर्मावाला इलाके में गए। जहां कार छोड़कर वे कहीं और निकल गए। फजीहत से बचने के लिए पुलिस ने फॉर्च्यूनर के शहर में घूमने का सच छिपा लिया।
भूरा की फरारी में रहा रोल
मेरठ की लूट में जिस बदमाश का नाम आ रहा है, वो पहले से उत्तराखंड पुलिस को कांटे की तरह चुभ रहा है। दस लाख के इनामी अमित उर्फ भूरा की फरारी में उसका अहम रोल था। पुलिस न गैंग पर शिकंजा कस सकी न लुटेरों को शहर में घूमने से रोक पाई।
आगरा पुलिस के सुपुर्द की कार
सहसपुर क्षेत्र में मिली फॉर्च्यूनर 5 जनवरी को आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में लूटी गई थी। फिर इसे मेरठ वैन लूट में इस्तेमाल किया गया। इसके बाद कई जिलों की सीमा पाकर कार दून तक आ गई। सूचना पर मंगलवार रात आगरा पुलिस सहसपुर पहुंच गई थी।