दस सितंबर को देहरादून में सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र थपलियाल के घर डकैती और उनके बेटे अंकित की हत्या करने वाले बदमाश वेस्ट यूपी के हैं।
वेस्ट यूपी के बदमाश दून में सक्रीय
गिरोह में सहारनपुर, शामली के बदमाशों के अलावा हरिद्वार जिले के भी दो बदमाश शामिल थे। तीन बदमाश गिरफ्तार हैं, तीन की तलाश जारी है।
पटेलनगर थाना क्षेत्र में 21 सितंबर की रात शिमला बाईपास पर दो दुकानों की तीन दीवारों को तोड़कर इलेक्ट्रानिक्स शोरूम में चोरी करने वाले बदमाश वेस्ट यूपी के हापुड़ कस्बे के थे। वारदात में शामिल चारों बदमाशों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
सहसपुर के जस्सोवाला में गुरुपाल सैनी के आवास पर 27 सितंबर को हुई डकैती में वेस्ट यूपी केबागपत, मुजफ्फ रनगर और सहारनपुर के बदमाशों का हाथ रहा है। पांच बदमाशों की गिरफ्तारी के साथ यह तथ्य सामने आया है।
17 दिन के भीतर राजधानी को हिलाने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली इन तीन वारदातों के खुलासे से साफ हुआ है कि दून के चैन में खलल डालने वाले वेस्ट यूपी के बदमाश गिरोह हैं।
पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद भले इन वारदातों का खुलासा कर लिया हो, लेकिन अब जो तथ्य सामने आ रहे हैं वे उसके लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। यूपी की सीमा से नजदीकी और इन गिरोहों का स्थानीय बदमाशों से गठजोड़ तोड़ना अब पुलिस के लिए चुनौती है।
हालांकि, पुलिस ने इसके लिए कार्ययोजना भी तैयार की है। कोशिश है कि दून में सक्रिय बदमाशों के जरिये वेस्ट यूपी के गिरोहों तक पहुंचा जाए।
पुलिस का प्लान
- दस साल में लूट, डकैती, हत्या और चोरी में पकड़े गए बदमाशों को सूचीबद्ध किया जाएगा
- थाना स्तर केअलावा, सीओ, एसपी और डीआईजी स्तर पर नियमित रुप से बार्डर बैठक करेंगे
- एक दूसरे के इलाके में सक्रिय बदमाशों की सूची का आदान-प्रदान किया जाएगा
- उत्तराखंड की जेलों में बंद यूपी के बदमाशों का पूरा हिसाब-किताब रखा जाएगा
- कौन बदमाश कब पकड़ा गया, कितने समय जेल में रहा, कब जमानत मिली आदि का पूरा रिकार्ड
- शातिर अपराधियों के जमानती और संरक्षणदाताओं की सूची बनाई जाएगी
वेस्ट यूपी के बदमाशों की बढ़ती सक्रियता कई मायने में चौंकाने वाली है। दून और यूपी की सीमा जुड़ी होने से बदमाश फायदा उठाते हैं। सिर्फ बीस मिनट के सफर के बाद ही वे दून से बाहर यूपी की सीमा में पहुंच जाते हैं। पुलिस लोकल बदमाशों से इन गिरोहों का गठबंधन तोड़ने के लिए कमर कस चुकी है। इसके लिए बनाई गई कार्ययोजना पर अमल शुरू हो गया है।
- राम सिंह मीणा, एडीजी कानून व्यवस्था