बहुचर्चित ‘दिया हत्या कांड’ में शुक्रवार को जिला जज की अदालत ने नजीबाबाद निवासी शादाब अली को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपहरण करके की थी हत्या
वर्ष 2009 में चमोली कस्बे में सुबोध अग्रवाल की चार वर्षीय मासूम पुत्री दिया का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को बदरीनाथ हाईवे के समीप नदी साइड में फेंक दिया गया था।
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इस मामले में सुबोध के पड़ोस में रहने वाले व्यापारी शादाब अली को मुकदमे में नामजद किया गया था। मासूम बालिका की हत्या किए जाने से कस्बे में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
पिता ने दर्ज कराया था मुकदमा
बालिका के पिता की ओर से शादाब के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर पुलिस ने शादाब को गिरफ्तार कर लिया था।
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जिला सत्र न्यायाधीश ने इस मुकदमे में दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई की। शुक्रवार को जिला जज की अदालत ने शादाब अली को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।