मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) रुद्रप्रयाग ने गाली-गलौच के मामले का दोषी पाते हुए एक युवक को दो साल का कठोर कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि दुकान में घुसकर मारपीट और धमकी देने के आरोप से उसको बरी कर दिया गया।
2013 का है मामला
जिला सहायक अभियोजन अधिकारी एसएस नेगी ने बताया कि राजस्व पुलिस उप निरीक्षक घिमतोली द्वारा क्यूड़ी निवासी जीप चालक नरेंद्र फर्स्वाण के विरुद्ध सात सितंबर 2013 को 323,452,504 व 506 (2) में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले घिमतोली में मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले रघुनाथ कंडारी ने शिकायत की थी कि सात सितंबर को नरेंद्र शराब के नशे में दुकान में आया और गालियां देने लगा। कारण पूछने पर वह मारपीट करने लगा।
मारपीट और धमकी के आरोप से बरी
विवेचना के उपरांत विवेचक द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए गए। न्यायालय में बहस के दौरान अभियोजन पक्ष दुकान में घुसकर मारपीट और धमकी देने के आरोपों को साबित नहीं कर पाया।
सिर्फ गाली-गलौच को साबित करने में अभियोजन पक्ष सफल रहा। बहस के उपरांत सीजेएम ने गाली-गलौच के मामले में सजा सुनाई।