फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पत्नी की हत्या करने के बाद भी नहीं पसीजा पति का दिल, करने लगा ऐसी बातें कि यकीन नहीं होगा

Tue, 19 Sep 2017 08:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन
पत्नी की हत्या करने के बाद पति को पकड़े जाने का डर सताने लगा। ऐसे में उसने ऐसा काम किया कि यकीन नहीं होगा। इस मामले में सात साल बाद कोर्ट का अहम फैसला आया है...
विज्ञापन


दरअसल, हत्या के सात साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सुल्तान की अदालत ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। मामले में 16 गवाह थे, जिनमें से सात की गवाही हुई। 

मामला जनजातीय क्षेत्र की चकराता तहसील का है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश बहुगुणा ने बताया कि बीना देवी (35) के भाई नांदरु पुत्र फेगाडू निवासी गांव सरना, तहसील चकराता को 17 अप्रैल 2010 को फोन आया कि उसकी बहन की उल्टी दस्त से मौत हो गई, फिर उसे बताया कि उसकी बहन ने आत्महत्या कर ली है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

शव देखकर हैरत में पड़े घरवाले

कोर्ट - फोटो : सांकेतिक चित्र
शक होने पर वह बहन के ससुराल ग्राम शिबऊ तहसील चकराता पहुंचा। शव देख वह हैरत में पड़ गया। बीना का शव नीला पड़ा हुआ था। शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे। नाक से खून निकल रहा था। आंख सूजी हुई थी। शक के आधार पर नांदरु ने बीना के पति फेटारू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की वजह स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित किया गया था। बिसरा की जांच में शरीर में जहर पाया गया। घटना के दिन घर पर पत्नी पति ही मौजूद थे। गांव और परिवार के अन्य लोग बिस्सू मेले में गए हुए थे। सभी परिस्थिति जन्य सबूत आरोपी के खिलाफ मिले। राजस्व पैरोकार विजय बुटोला ने तेजी से कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत करने में अहम भूमिका निभाई।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें