पत्नी की हत्या करने के बाद पति को पकड़े जाने का डर सताने लगा। ऐसे में उसने ऐसा काम किया कि यकीन नहीं होगा। इस मामले में सात साल बाद कोर्ट का अहम फैसला आया है...
दरअसल, हत्या के सात साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सुल्तान की अदालत ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। मामले में 16 गवाह थे, जिनमें से सात की गवाही हुई।
मामला जनजातीय क्षेत्र की चकराता तहसील का है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश बहुगुणा ने बताया कि बीना देवी (35) के भाई नांदरु पुत्र फेगाडू निवासी गांव सरना, तहसील चकराता को 17 अप्रैल 2010 को फोन आया कि उसकी बहन की उल्टी दस्त से मौत हो गई, फिर उसे बताया कि उसकी बहन ने आत्महत्या कर ली है।