बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी किशोर को बाल न्यायालय ने चार साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियुक्त को बाल संरक्षण गृह हरिद्वार भेज दिया गया है।
मामले के अनुसार 25 जून 2016 को दो बहनों के साथ दुकान में गई सात वर्षीय बालिका को कपकोट क्षेत्र का एक किशोर 20 रुपये का लालच देकर एकांत में ले गया और बच्ची से दुष्कर्म किया। मामले में पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ कपकोट थाने में मामला दर्ज कराया था।
पुलिस ने 29 जून को आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के अलावा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत भी मामला दर्ज किया था। एक जुलाई को आरोपित किशोर की गिरफ्तारी हुई। तब उसकी उम्र लगभग 17 साल थी। इसलिए यह मामला बाल न्यायालय में चला। कुल आठ गवाह पेश किए गए। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता आबिद हसन ने की।
मामले की सुनवाई करते हुए जिला जज एवं बाल न्यायालय के न्यायाधीश एचएस बोनाल ने आरोपित किशोर को दोषी करार देते हुए धारा 376 सपठित 511 के तहत चार वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने अभियुक्त द्वारा अब तक इस अवधि से पूर्व बिताए गए समय को इसमें समायोजित करने के निर्देश दिए।
बाल न्यायालय ने अभियुक्त को बाल संरक्षण गृह हरिद्वार भेजने के आदेश दिए। परिविक्षा अधिकारी को अभियुक्त को चिकित्सा, कौशल विकास, सेवाएं प्रदान करने और उसकी प्रगति का मूल्यांकन कर बाल न्यायालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। अभियुक्त की उम्र 21 वर्ष होने पर उसे कारागार में भेजा जाएगा।