पड़ोसी का मोबाइल नंबर पूछने के बहाने बदमाश ने गोली मारकर ठेकेदार की हत्या कर दी। हत्या के बाद बदमाश अपने दो साथियों के साथ कार में फरार हो गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रथम दृष्टया हत्या का कारण प्रापर्टी बताया जा रहा है। हत्या को एक बड़े हिस्ट्रीशीटर ने अंजाम दिया है।
रुड़की का रहने वाला था ठेकेदार
मूल रूप से भंगेड़ी महावतपुर तहसील रुड़की निवासी फिरोज अली (37) पुत्र अब्दुल अहमद दून विहार, जाखन में किराये पर रहते थे। वे दून में ठेकेदारी और प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे।
इसी मकान के अलग-अलग कमरों में तीन अन्य युवक भी किराये पर रहते हैं। इनमें से एक प्रापर्टी डीलर राहुल भी है।
पूछा था पड़ोसी का नंबर
फिरोज की पत्नी ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात साढ़े नौ बजे एक कार घर के बाहर रुकी, जिसमें तीन युवक बैठे थे। इनमें से एक युवक घर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। फिरोज ने दरवाजा खोला तो युवक कमरे में घुस गया।
फिरोज ने आपत्ति जताई तो उसने बताया कि उसे राहुल का मोबाइल नंबर चाहिए। इस पर फिरोज ने उसे बाहर निकलने के लिए कहा। दोनों बाहर निकले ही थे कि युवक ने तमंचे से फिरोज को गोली मार दी।
गोली की आवाज सुनकर पत्नी और दोनों बच्चे फिरोज के पास पहुंचे। इसी दौरान युवक अपने साथियों के साथ फरार हो गया।
आधे घंटे तक तड़पता रहा
लगभग आधे घंटे तक फिरोज घर के बाहर ही तड़पता रहा। बाद में जाखन चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और उसे मैक्स ले गई, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद घर लौटे राहुल को पुलिस ने हिरासत में लिया और कई घंटे पूछताछ की।
हालांकि सूत्रों का कहना है कि पूरा मामला संपत्ति विवाद को लेकर था। एसपी सिटी नवनीत भुल्लर ने बताया कि इस मामले में पुख्ता सबूत मिल चुके हैं। राहुल से भी पूछताछ की जा रही है। जल्द ही आरोपी जेल में होंगे।
पत्नी चीखती रही, लोग देखते रहे तमाशा
खून से लथपथ तड़पते पति की आंख धीरे-धीरे बंद हो रही थीं। पत्नी एक झलक अपने पति को देखती और फिर जोर से चीखती....अरे कोई तो आओ, बचाओ मेरे पति को। लेकिन मानो आसपास रहने वाले लोग जड़ हो चुके थे।
मदद तो दूर किसी ने पुलिस को फोन तक नहीं किया। किया होता तो शायद फिरोज की जान बच जाती। एक मददगार जरूर पहुंचा, लेकिन बहुत देर से।
फिरोज की पत्नी के लिए शायद आसपास रहने वाले लोग भी उतने ही दोषी होंगे जितना कि कातिल। पत्नी की चीखती रही, लेकिन घरों की छतों से लोग तमाशा देखते रहे।
काफी देर बाद पहुंची मदद
घायल फिरोज करीब आधे घंटे तक तड़पता रहा। काफी देर बाद पास ही रहने वाले खालिद खान वहां पहुंचे। खालिद ने बताया कि फिरोज का बहुत खून बह चुका था।
उन्होंने फिरोज की पत्नी से उसकी कार की चाबी मांगी। उन्होंने फिरोज को कार में डाला ही था कि पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। खालिद ने बताया मदद तो छोड़िये, लोगों ने पुलिस को तक सूचना नहीं दी।
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि पुलिस को अगर वक्त पर सूचना दी जाती तो फिरोज को निश्चित तौर पर बचाया जा सकता था।
सीसी फुटेज खंगाल रही पुलिस
इस मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस ने जाखन से आईएसबीटी, जाखन से मसूरी और तमाम भागने के अन्य संभावित रास्तों पर लगे सीसी कैमरों से फुटेज निकाल ली है।
एसपी सिटी नवनीत भुल्लर ने बताया कि घटना के वक्त से तीन घंटे बाद तक की फुटेज की गहनता से छानबीन की जा रही है। इसमें पुलिस के चौराहों पर लगे कैमरों के साथ ही एटीएम और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों की फुटेज भी पुलिस ने निकाली है।
रुड़की गए पत्नी और बच्चे
आठ साल पूर्व फिरोज ने दून विहार में किराये का मकान लिया था। यहां वह चार साल के बेटा, आठ साल की बेटी और पत्नी संग रह रहा था। उसकी मौत के बाद उसकी पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। अस्पताल से फिरोज की मौत की सूचना मिलते ही पत्नी बच्चों को लेकर रुड़की अपने ससुराल चली गई।