होली के दिन धारचूला तहसील क्षेत्र में कई स्थानों पर गुटीय संघर्ष हो गया। अलग-अलग जगह हुई घटनाओं में भाजपा नेता महेंद्र बुदियाल और उक्रांद नेता रमेश थलाल समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए। 25 से अधिक लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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तनाव को देखते हुए कालिका कस्बे में पीएसी तैनात कर दी गई है। भाजपा नेता की पिटाई से आक्रोशित लोगों ने मंगलवार को बाजार बंद कराकर शहर में जुलूस निकाला और थाने का घेराव किया।
दोनों पक्षों की ओर से थाने में रिपोर्ट लिखाई गई है। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
भाजपा नेता ने पूर्व प्रधान पर लगाया आरोप
भाजपा नेता महेंद्र बुदियाल ने थाने में लिखाई रिपोर्ट में कहा है कि सोमवार को कालिका कस्बे में पूर्व प्रधान नारायण सिंह ठगुन्ना के साथ आए करीब 12 लोगों ने उनको और उनके साथियों को घेरकर लाठी, डंडों से पीटना शुरू कर दिया।
(तस्वीरों में देखिए उत्तराखंड की होली)
उन लोगों ने नेपाल की ओर जाकर अपनी जान बचाई। घटना में बुदियाल समेत 10 साथी घायल हुए हैं। उनको पुलिस की मदद से धारचूला अस्पताल लाया गया और मंगलवार को पुलिस की मदद से ही उनको जिला अस्पताल ले जाया गया।
भाजपा नेता ने नारायण सिंह ठगुन्ना, भूपाल सिंह, दीवान सिंह, राज बहादुर समेत 15 अन्य के खिलाफ मारपीट और एसएसटी एक्ट में रिपोर्ट लिखाई है। इधर, तनाव को देखते हुए एसडीएम प्रमोद कुमार और सीओ महिपाल सिंह ने पीएसी तैनात कर दी है।
पूर्व प्रधान ने भी प्राथमिकी दर्ज कराई
इधर, पूर्व प्रधान नारायण सिंह ठगुन्ना ने मारपीट में लिप्त होने की घटना से इंकार करते हुए आरोप लगाया है कि कुछ युवकों ने होली के दिन उनके घर में घुसने की कोशिश की। उन्होंने भी धारचूला के कुछ युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। आज कुछ लोगों ने कालिका जाकर स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास किया। वहीं मारपीट के विरोध में लोगों ने मंगलवार को धारचूला बाजार बंद करा दिया। बाद में थाने का घेराव कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो बेमियादी बंद और चक्काजाम किया जाएगा।
यूकेडी नेता के साथ भी मारपीट
एक अन्य घटनाक्रम में गलाती में दुकान चलाने वाले उक्रांद नेता रमेश थलाल के साथ भी कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। श्री थलाल ने 10 लोगों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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उक्रांद नेता से मारपीट से आक्रोशित लोगों ने निगालपानी में भी जाम लगा दिया। वहीं पांगला में सेना और एसएसबी के जवानों के बीच मारपीट की सूचना है। बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामले को सुलझा लिया गया।
2002 में हुआ था बवाल
कालिका कस्बे में 2002 में भी इसी तरह का बवाल हुआ था। तब लोगों ने एसडीएम को बंधक बना लिया था। इस बार सारी स्थितियों को भांपने के बावजूद पुलिस ने कोई अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए थे। इसी का परिणाम इतने बड़े तनाव के रूप में सामने आया। अभी भी पुलिस तत्काल कार्रवाई से डर रही है।