चेक बाउंस होने के मामले में अदालत ने दोषी को चार महीने के सश्रम कारावास और 1.85 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जिसमें एक लाख 80 हजार रुपए शिकायतकर्ता को दिए जाएंगे।
न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला मामला
इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय यशपाल शर्मा की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता गुरमीत सिह लक्की ने पैरवी करते हुए कहा कि तेजवीर की राजेंद्रनगर में गिफ्ट शॉप है। उनकेपड़ोसी ऑटो चालक सुमेर ने वर्ष 2010 में तेजवीर से लड़की की शादी और घर बनाने के नाम पर मदद मांगी।
चेक हुआ बाउंस
सुमेर पर विश्वास कर तेजवीर ने उसे 1.75 लाख रुपये उधार दिए। इसके एवज में सुमेर ने तेजवीर को चेक दिया। तय तिथि पर तेजवीर ने जब चेक खाते में जमा कराया तो बाउंस हो गया। कई नोटिस भेजने के बाद भी सुमेर ने रकम नहीं लौटाई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपित सुमेर को उधार की रकम न लौटाने और चेक बाउंस होने का दोषी माना।