कलयुगी मामा ने न केवल भांजी का सौदा किया था, बल्कि कुछ साल पहले उसने चंद रुपयों के लालच में अपनी बेटी का भी सौदा कर डाला था। मामा और मामी के ग्राहक हरियाणा, पंजाब और पश्चिम उत्तरप्रदेश के रसूखदार परिवार हैं और जिस्म की मंडी चलाने वाले भी।
सूत्रों के अनुसार, कथित मामा जौनसार की गई मासूम लड़कियों का सौदा करा कर लाखों रुपयों की संपत्ति का मालिक बन गया है। बुधवार को पुलिस ने उसे दबोचा तो पूछताछ में कई हैरान करने वाली बातें सामने आई। वहीं गुरुवार को तस्करी करने वाले कथित मामा, उसकी पत्नी और एक अन्य को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पेशा ही मानव तस्करी है
उत्तरकाशी जिले के राजगढ़ी, पुरोला निवासी राम सिंह भंडारी का पेशा ही मानव तस्करी है। वह इस धंधे में इस कदर घुस गया था कि तीन साल पूर्व अपनी बेटी तक बेच डाली। उसकी दूसरी पत्नी भी उसके धंधे में साझेदार है। दोनों जौनसार की भोलीभाली लड़कियों का सौदा हरियाणा, पंजाब और पश्चिम उप्र के रसूखदार परिवारों से करते हैं और बीच में कमीशन खाते हैं।
पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि पहले वह हरियाणा जाकर अपने ग्राहक तलाशते हैं। उसके बाद उन्हें लेकर गांव में आते हैं। यहां गरीब परिवारों की लड़कियों को बेहतर जीवन का लालच दिया जाता है तो परिवार को रुपयों का। इसके बाद लड़की का सौदा पचास हजार से एक लाख रुपये तक हो जाता है।
उसने बताया कि हरियाणा में विवाह के लिए लड़कियों की भारी कमी है। इसलिए ज्यादातर ग्राहक विवाह के लिए ही लड़की खरीदते हैं। इंस्पेक्टर डालनवाला चंदन सिंह बिष्ट ने बताया तीनों जेल चले गए हैं। हालांकि इनके द्वारा दी गई सूचना के आधार पर हम अन्य तस्करों की भी तलाश कर रहे हैं।
क्या था मामला
पुलिस ने बुधवार को एक मानव तस्कर, उसकी पत्नी और बिचौलिया को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके चंगुल से एक युवती को छुड़ाया था। युवती ने बताया था कि तस्कर उसका अपना मामा है जो पहले उसे हरियाणा एक परिवार को बेचने ले गया। लेकिन वहां डील न हुई तो किसी और को बेचा। जिससे डील नहीं हुई थी, उसी ने पुलिस को मुखबिरी की थी। उसके बाद पुलिस ने इन्हें दबोच लिया था।