देहरादून में स्कूटी पर बैठी छात्रा को एक कार टक्कर मारने के बाद कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गई।
गनीमत रही कि छात्रा कार के नीचे नहीं आई, लेकिन सड़क पर घिसटने से उसे गहरी चोटें आईं। कारसवार महिला ने पीड़िता और उसकी मां से ही मारपीट कर डाली। पुलिस के आते ही आरोपी भाग निकले।
तेजी से एक्सीलरेटर दबाया तो कार ने स्कूटी को मारी टक्कर
घटना मंगलवार देर शाम की है। धर्मपुर निवासी रीना सती इंटर में पढ़ने वाली बेटी शुचिता के साथ स्कूटी पर सामान लेने धर्मपुर चौक की ओर गई थी। मंदिर के पास रीना पास ही दुकान में सामान लेने चली गई, जबकि शुचिता स्कूटी खड़ी कर उस पर बैठकर इंतजार करने लगी।
इस बीच स्कूटी के ठीक पीछे खड़ी स्विफ्ट में एक व्यक्ति पत्नी संग बैठा और कार स्टार्ट कर ली। उसने तेजी से एक्सीलरेटर दबाया तो कार झटके से आगे स्कूटी से जा टकराई। शुचिता स्कूटी समेत सड़क पर गिर गई और कार के साथ कुछ दूर तक घिसटती हुई चली गई।
जब तक चालक ने कार रोकी, उसे गहरी चोटें लग चुकी थीं। शुचिता की मां रीना का आरोप है कि वह मौके पर पहुंची तो कारसवार महिला उतरी और माफी मांगने के बजाय उनकी बेटी से मारपीट करने लगी।
विरोध करने पर उस महिला ने रीना से भी हाथापाई की। यह देख लोग जुटे और कारचालक से हाथापाई की कोशिश की। इस बीच पुलिस पहुंची तो आरोपी पत्नी समेत कार लेकर भाग निकला। घायल छात्रा को रात को कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया।
रातभर घुमाती रही पुलिस
राजधानी की सड़कों पर रफ्तार के रोमांच में ताबड़तोड़ हुए हादसों ने भी पुलिस की नींद नहीं तोड़ी है। इस मामले में भी पुलिस की लापरवाही सामने आई। दरअसल, रीना सती आराघर पुलिस चौकी पहुंची और घटना की जानकारी दी तो उन्हें डालनवाला थाने भेज दिया गया।
डालनवाला थाने से भी पीड़ित को टरका दिया गया। कहा गया कि घटनास्थल नेहरू कालोनी थाना क्षेत्र में आता है। रीना यहां से नेहरू कालोनी पहुंची। आखिर रात डेढ़ बजे तहरीर ली गई और मोहर लगाकर रीना को लौटा दिया गया। पुलिस ने बुधवार देर रात मुकदमा दर्ज किया।