मेरठ के मनोज गुप्ता अपहरण कांड में पुलिस की एक टीम वेस्ट यूपी में डेरा डाले हुए है। लोकल पुलिस की मदद से अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी है।
इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए आरोपियों की कुर्की के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दे सकती है। कारोबारी के अलावा ममता और सिम देने वाले रिटेलर के 164 के बयान कराने की तैयारी पुलिस ने कर ली है।
मेरठ के कारोबारी मनोज गुप्ता का 19 फरवरी की तड़के प्रेमनगर के डूंगा स्थित फार्म हाउस से अपहरण कर लिया गया था। गुप्ता के दो दिन बाद सुरक्षित लौटने पर अपहरण में पुरकाजी ब्लाक ब्लाक प्रमुख के पति विनय त्यागी और उसके साथियों को वांछित कर दिया था।
अपहरण में अहम किरदार निभाने वाली ममता मसीह समेत तीन लोग इस मामले में जेल भेजे जा चुके हैं। मुख्य आरोपी और अन्य दूसरे साथियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक रखी है। मुजफ्फरनगर से लेकर गाजियाबाद तक दबिश का दौर जारी है।
कारोबारी मनोज गुप्ता के अलावा आरोपियों के 164 के बयान कराने के पीछे पुलिस का मकसद यह है कि वारदात की पूरी कहानी की पुष्टी हो जाए। मोबाइल सिम देने वाले रिटेलर के भी कोर्ट में बयान कराए जाएंगे। एक-दो दिन में फरार आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट प्राप्त करने के साथ कुर्की के लिए कोर्ट में आवेदन किया जाएगा।
- अजय सिंह, एसपी सिटी
फुटेज जुटा रही पुलिस
गुड़गांव के होटल में विनय त्यागी और ममता मसीह की मुलाकात की वीडियो फुटेज पाने के लिए पुलिस ने प्रयास शुरू कर दिए है। ममता ने बताया कि परिचित विकास त्यागी के माध्यम से वह विनय के संपर्क में आई थी। ममता ने मुलाकात की तारीख और समय भी पुलिस को बताया है। अगर फुटेज मिल गया तो पुलिस कहानी को सिद्ध करने में कामयाब होंगे।