दून से बदमाशों द्वारा किडनैप किए गए बीएसएनएल अफसर के बेटे हर्षित को लेकर एसओजी की टीम सोमवार को हरिद्वार पहुंची। एसओजी टीम ने हर्षित को बरामद किया है। इसके साथ ही पुलिस टीम ने फिरौती में दिए गए 34 लाख रुपए बरामद कर लिए है।
इस मामले में पुलिस ने एक लड़की समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। हर्षित के परिवार ने पुलिस टीम को एक लाख रुपए इनाम दिया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी टीम को दो लाख रुपए देने की घोषणा की है।
शनिवार शाम बदमाशों ने मुजफ्फरनगर में तैनात बीएसएनएल अधिकारी के बेटे का जीएमएस रोड, देहरादून से अपहरण कर लिया था। वह रविवार को सकुशल दिल्ली में अपनी बुआ के पास पहुंच गया था।
परिजन अपहरण से इनकार कर रहे थे, लेकिन घटना के बाद अपहरण का ही मुकदमा दर्ज कराया गया था। सूत्रों का कहना था कि लड़के की रिहाई मोटी फिरौती के बाद हुई है। चर्चा थी कि बदमाशों ने पांच करोड़ रुपए की मांग की थी।
पुलिस अपहरण में यूपी के एक इनामी बदमाश का हाथ मानकर चल रही थी। इसी कड़ी में हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में देर रात तक पुलिस की कार्रवाई चलती रही।
डीआईजी गढ़वाल रेंज संजय गुंज्याल ने बताया था कि परिजनों ने बालक के वापस आने की बात कहते हुए किसी तरह की कार्रवाई से इनकार किया है। वहीं, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था राम सिंह मीणा दूसरी ही कहानी बताते रहे थे। उन्होंने कहा कि कार्रवाई चल रही है। बालक को जल्द बरामद कर लिया जाएगा।
मोबाइल रिचार्ज कराने गया था हर्षित
मुजफ्फरनगर में तैनात बीएसएनएल के हिंदी अधिकारी गिरीश तायल का घर इंजीनियर एन्क्लेव में है। घर में उनकी पत्नी और बेटा हर्षित (17) रहते हैं। हर्षित क्लेमेंटटाउन स्थित राजा राममोहन राय एकेडमी में 12वीं का छात्र है। शनिवार शाम हर्षित मोबाइल रिचार्ज कराने जीएमएस रोड स्थित एक दुकान में गया था।
पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार स्कूटी से वापस लौटते वक्त व्योम विहार में मौजूद बदमाशों ने हर्षित को जबरन कार में बैठा लिया।
रात साढ़े आठ बजे तक हर्षित घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश शुरू हुई। परिजनों ने उसका मोबाइल मिलाया, लेकिन वह स्विच ऑफ था। परिजन उसे ढूंढने निकले तो घटनास्थल पर उसकी स्कूटी और कुछ दूर चप्पलें बरामद हुई। इसी बीच हर्षित के फोन से ही उसके पिता को काल आई।
बदमाशों ने मांगी थी पांच करोड़ की फिरौती
फोन करने वाले ने हर्षित की रिहाई के बदले पांच करोड़ की फिरौती मांगी थी। सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। रात में ही बसंत विहार पुलिस ने फिरौती के लिए अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
इसके बाद एसओजी और कई थानों की पुलिस को हरिद्वार समेत यूपी के कई जिलों में दौड़ा दिया गया। रात भर हरिद्वार में संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई चलती रही। रविवार को रुड़की और मंगलौर में भी कई संदिग्ध उठाए गए।
देर रात पिता गिरिश तायल ने अमर उजाला से बातचीत में बेटे के दिल्ली में सुरक्षित मिलने का दावा किया था। उधर, मां ने भी अपहरण की बात से इनकार किया था। इस मामले को लेकर लोगों के बीच तरह-तहर की चर्चाएं रहीं।
कुछ लोगों का कहना था कि रिहाई के लिए मोटी फिरौती दी गई है, जबकि कुछ जानकार मानते हैं कि हो सकता है कि किसी बात से नाराज होकर लड़का घर से भाग गया था।