मंगलवार शाम को कोतवाली में दी तहरीर में पीड़ित महिला ने कहा कि वह अनुसूचित जाति वर्ग से है। महिला ने बताया कि उसका पति पांच वर्ष से कैंसर से पीड़ित था और घर में ही रहता था।
पति की बीमारी के चलते पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी पर है और पशुपालन कर परिवार पाल रही है। महिला का आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले वह गन्ने के खेत में घास काट रही थी। इसी दौरान वहां पहुंचे गांव के ही तीन लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया और फोटो भी खींच लिए।
इसके बाद वे तीनों उसे फोटो उसके पति को दिखाने और अन्य लोगों में बांटने की बात कहकर ब्लैकमेल कर उसके साथ दुराचार करते रहे। इस बीच एक और व्यक्ति ने भी उसके इस डर का फायदा उठाया और उसने भी उसके साथ दुराचार किया। महिला ने बताया कि 16 जून की रात करीब 10 बजे एक आरोपी उसके घर आया और उसके साथ दरिंदगी करने के साथ ही एक बार फिर उसकी फोटो खींच लिए।
महिला ने कहा कि आरोपियों को उसके बीमार पति के हमेशा घर में ही रहने की बात खटकती थी और इसी के चलते उन्होंने एक-दो बार बिस्तर पर पड़े उसके पति का गला दबाकर मारने की कोशिश भी की। साथ ही जाति सूचक शब्द भी कहे।
आरोप है कि आरोपियों ने एक दिन उसके पति को उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें दिखा दीं। इससे उसका पति सदमे में आ गया और उसने दवाएं तक खाना छोड़ दिया। कैंसर से जूझ रहे उसके पति की इस सदमे से बीती 14 जुलाई को मौत हो गई। पीड़िता ने बताया कि अब तक अपने बीमार पति और परिवार की इज्जत की खातिर उसने अपना मुंह बंद रखा था, लेकिन अब जब उसका सुहाग ही नहीं रहा तो अब उसे अपने लिए सिर्फ इंसाफ चाहिए।
आरोप लगाया कि उसे, उसके बच्चों, देवर और अन्य परिजनों को आरोपियों से जानमाल का खतरा बना हुआ है। इधर, कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि एक आरोपी से पूछताछ की गई है। साथ ही महिला के खींचे गए फोटो और बनाए गए वीडियो की तलाश की जा रही है। सीओ कमला बिष्ट ने बताया कि मामला एससी/एसटी से जुड़ा हुआ है। पूरी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।