उत्तराखंड के हल्द्वानी में शुक्रवार की रात कातिलों ने एक बुजुर्ग को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। क्षत-विक्षत हालत में मिली लाश कातिलों द्वारा दी यातनाओं का दर्द बयां कर रही थी।
घटनास्थल पर बिखरे खून के छींटे और जूतों के निशान देखने के बाद पुलिस ने बताया कि सतपाल ने कातिलों से काफी संघर्ष किया था। कातिलों ने उसके सिर के अलावा दोनों हाथ पीछे मोड़कर काफी मारा था, जिस कारण खून के छींटे तीन फीट दूर खड़े टेंपो तक पहुंचे थे।
खून से सनी ईंट भी पास ही पड़ी थी। शुरुआती जांच में यह प्रतीत हो रहा है कि उसने कातिलों से बचने के लिए काफी संघर्ष किया था। घिसटने के निशान भी मौके पर थे। पुलिस को संदेह है कि हत्या में तीन-चार लोग शामिल होंगे।
चौकीदार के शरीर पर अनगिनत चोट के निशान होने से पंचनामा भरने वाले एसआई राजेश मिश्रा को काफी दिक्कत हुई। चौकीदार का चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। पड़ोसियों ने उसके कपड़े से ही पहचान की। शव के पास पड़ा टिफिन था, जिसे अनुमान लगाया जा रहा था कि उसने खाना भी शोरूम के सामने खाया था।
सुजुकी शोरूम के बाहर पड़ा मिला शव
बरेली रोड तीनपानी खटिक फार्म निवासी चौकीदार सतपाल शर्मा (65) की ईंट से कुचलकर निर्मम हत्या कर दी। चौकीदार का शव शनिवार सुबह बरेली रोड स्थित सुजुकी शोरूम के बाहर पड़ा मिला। चौकीदार का भेजा बाहर निकला हुआ था।
मूलरूप से बरेली जिले के फतेहगंज पश्चिम निवासी चौकीदार सतपाल शर्मा दशकों से तीन पानी खटिक फार्म में परिवार के साथ रहता था। वह बरेली रोड स्थित दो-तीन दुकानों की साझा चौकीदारी करता था। रोजाना की तरह शुक्रवार शाम छह बजे भी चौकीदार को उसके बेटे सोनू शर्मा ने बाइक से छोड़ा था।
शनिवार सुबह छह बजे गुरुद्वारा जा रहे गुरमीत सिंह स्वीटी ने चौकीदार का क्षत-विक्षत शव देखा और पुलिस को सूचना दी। चौकीदार की ईंट से कुचलकर हत्या की गई है। सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी, एसएसआई एनबी भट्ट फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कातिलों ने चौकीदार के सिर, मुंह, हाथ और पैर पर कई वार किए थे।
घटनास्थल पर काफी दूर तक खून फैला था। पुलिस की सूचना पर चौकीदार के चारों पुत्र टेंपो चालक राकेश, राजेश शर्मा, सोनू और मोनू शर्मा अपनी मां सुशीला के साथ घटना स्थल पहुंचे।
पुलिस कर रही कई बिंदुओं पर जांच
बेटों ने बताया कि पिता करीब डेढ़ साल से इस क्षेत्र में चौकीदारी कर रहे थे। उनकी किसी से रंजिश नहीं थी। शोरूम मालिक रेलवे बाजार निवासी जहीर अहमद ने पुलिस को बताया कि सतपाल को आइडियल कंपनी की ओर से ड्यूटी पर रखा गया था। वह वहीं तीन दुकानों की भी चौकीदारी करता था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी के मुताबिक छानबीन से पता चला कि शनिवार तड़के पौने चार बजे चौकीदार ठीक ठाक था। उसे गुरुद्वारा के ज्ञानी ने देखा था। आशंका है कि इसके बाद ही चौकीदार की हत्या की गई है। हत्या क्यों और किसने की, इसको लेकर पुलिस छानबीन में जुटी है। हालांकि पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली।
हत्या के बाद पुलिस तमाम बिंदुओं पर विचार कर रही है। शुरुआती जांच में बेटों ने रंजिश की बात खारिज कर दी है। पुलिस को आशंका है कि चौकीदार ने किन्हीं अपराधियों को अपराध करते हुए देखकर टोका तो नहीं था। घटनास्थल बता रहा है कि कातिल काफी गुस्से में थे।
वे किसी कीमत पर चौकीदार को छोड़ना नहीं चाहते थे। इसके पहले 10 फरवरी को शाहजहांपुर के एक मजदूर की लोहरियासाल मल्ला में भी एक मजदूर की हत्या कर शव गूल में फेंका गया था। पुलिस ने मजदूर के साथी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था, लेकिन इतनी वीभत्स हत्या इधर बीच में देखने को नहीं मिली है।