उत्तराखंड के काशीपुर में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र मानस के छोटे बेटे राघवेंद्र प्रताप सिंह का शव संदिग्ध परिस्थितियों में रेलवे ट्रैक के किनारे मिलने से सनसनी फैल गई।
मृतक के बड़े भाई ने दो-तीन लोगों को नामजद करते हुए उन पर भाई की हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने पूछताछ के लिए दो लोगों को उठाया है। देर शाम मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर कई जगहों पर गहरी चोट के निशान मिले हैं।
सोमवार सुबह गिरीताल के पास रेलवे के किनारे युवक का शव पड़े होने की सूचना पर सीओ जीसी टम्टा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में मृतक युवक के सिर के पिछले भाग में गहरी चोट का निशान मिला जिससे खून रिस रहा था। पीठ पर भी चोट के निशान थे।
एक दिन पहले कुछ लोगों से हुआ था झगड़ा
तलाशी में मृतक की जेब से विवेकानंद विद्या मंदिर का पर्चा मिलने पर सीओ ने आईटीआई चौकी से संबंधित जानकारी मांगी है। पुलिस युवक के ट्रेन की चपेट में आकर मौत होना मान रही थी, लेकिन इसी दौरान भाजपा नेता नरेंद्र मानस का बड़ा पुत्र मानवेंद्र प्रताप सिंह अपने साथी के साथ मौके पर पहुंचा।
उसने शव की शिनाख्त अपने छोटे भाई राघवेंद्र (25) निवासी मुहल्ला रहमखानी के रूप में की। उसने बताया कि दो-तीन लोगों का रविवार रात उसके भाई से झगड़ा हुआ था और इन्हीं लोगों ने उसे मारा है।
इधर, सूचना पर विधायक हरभजन सिंह चीमा, पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल, राम मेहरोत्रा, मोहन बिष्ट, विष्णु अग्रवाल, मुकेश मेहरोत्रा, इंतजार हुसैन, राजेंद्र सैनी, ब्रजेश सैनी सहित तमाम राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नरेंद्र मानस के घर जाकर शोक व्यक्त किया।