आंख मूंद कर ऑनलाइन खरीदारी न करें। कहीं ऐसा न हो कि नुकसान भी हो जाए और पुलिस के चक्कर भी काटने पड़ें।
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मंगलवार को ऐसा ही एक मामला आरटीओ कार्यालय में पकड़ गया। ‘ओएलएक्स’ के जरिए कार खरीदकर एक व्यक्ति सेल लेटर बनवाने आरटीओ आया तो पता चला कि कार चोरी की है। आरटीओ ने डालनवाला कोतवाली में इसकी सूचना दे दी है।
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सेलाकुई निवासी दिनेश कुमार ने छह माह पूर्व ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट ‘ओएलएक्स’ से एक शख्स से टाटा इंडिगो कार खरीदी। इतने दिन कार चलाने के बाद उन्होंने रणवीर नाम के शख्स को कार बेच दी।
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दोनों मंगलवार को आरटीओ कार्यालय सेल लेटर बनवाने पहुंचे थे। आरटीओ कर्मचारियों ने कागजों की जांच की तो उन्हें रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट गड़बड़ लगा।
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कार का चेसिस और बॉडी नंबर ऑनलाइन चेक किया तो पता चला कि कार दिल्ली से चुराई गई थी। यह देख कार मालिक भी चकरा गया। एआरटीओ संदीप सैनी ने बताया कि आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी।
यह बरतें सावधानी
- वाहन खरीदने से पहले आरटीओ से चेसिस, बॉडी नंबर जांच लें।
- पुलिस के जरिये तफ्तीश करा लें कि वाहन पर कोई मुकदमा दर्ज तो नहीं है।
- आरटीओ से भी पता कर सकते हैं कि वाहन का नंबर फर्जी है या असली।
- अगर कोई शक हो तो तुरंत आरटीओ अधिकारी और पुलिस से संपर्क करें।