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मिर्च पाउडर फेंक पुलिस कस्टडी से भागा अपराधी, आया था पेशी

Fri, 16 Dec 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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क्राइम - फोटो : Demo Pic
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हरिद्वार से देहरादून कोर्ट पेशी पर पिता के साथ आए एक आरोपी ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर भागने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस सजगता के चलते वह अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सका।
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पुलिस ने फरारी के प्रयास के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज कराया है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था ने पुलिस टीम के लिए दस हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।

हरिद्वार जेल में बंद दीपक बजाज और उनके पुत्र शशांक बजाज निवासी शिव लोक कालोनी रानीपुर को हत्या और आर्म्स एक्ट के मुकदमे में बृहस्पतिवार को पेशी के लिए देहरादून लाया गया था।
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हेड कांस्टेबल सुखदेव दीपक बजाज को पेशी के लिए एडीजे चतुर्थ की कोर्ट में ले गए, जबकि चेतन और बृजेश उनके बेटे शशांक बजाज को लेकर कोर्ट परिसर में खड़े रहे। इसी बीच शशांक बजाज ने जेब से मिर्च पाउडर निकालकर पुलिसकर्मियों की आंखों में झोंक दिया, जिससे सिपाही बिलबिला गए।

हरिद्वार से पेशी के लिए लाए थे देहरादून

पु‌ल‌िस - फोटो : demo pic
आरोपी शशांक कुछ दूर ही भाग पाया था कि सतर्कता से ड्यूटी दे रहे कांस्टेबल राजेश, कपिल ने शशांक को पकड़ लिया। अभिरक्षा से फरारी के प्रयास की खबर से पुलिस में हड़कंप मच गया।

पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने बताया कि सिपाही की तरफ से शशांक बजाज के खिलाफ शहर कोतवाली में फरारी के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है।

शशांक और उनके पिता दीपक बजाज पहले देहरादून की सुद्दोवाला जेल में थे। 19 जून को उन्हें प्रशासनिक आधार पर हरिद्वार जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। आरोपी मूल रूप से यूपी के बदायूं के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ हत्या, रंगदारी, हत्या के प्रयास के करीब पांच अभियोग पंजीकृत है।
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15 दिसंबर को ही क्यों चुना?

क्राइम - फोटो : demo pic
पुलिस इतिहास में 15 दिसंबर का दिन काली स्याही से लिखा हुआ है। 15 दिसंबर 2014 को देहरादून जेल में बंद अमित भूरा अपने साथियों की मदद से पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर फरार हो गया था।

इस मामले में दून के एसएसपी अजय रौतेला को हटा दिया गया था। यह भी संयोग ही है कि शशांक बजाज ने दो साल बाद अभिरक्षा से फरारी के लिए दिन और तरीका एक ही चुना। यह बात अलग है कि शशांक अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सका। 
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