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साइबर क्रिमिनल्स ने उठाया ऐसा कदम की चारों खाने चित हुई पुलिस

Thu, 27 Jul 2017 08:59 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून पुलिस झज्जर से लेकर फरीदाबाद, रिवाडी के अलावा जयपुर में जाल बिछाए है। परिजनों को हिरासत में लेकर क्रिमिनल्स पर दबाव की रणनीति भी अबतक बेअसर रही है।
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वहीं साइबर क्रिमिनल्स के मोबाइल फोन बंद होने के बाद ही पुलिस को कोई ठोस राह नहीं सूझ रही है। पुलिस को अब क्रिमिनल्स के पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल जाने की आशंका सता रही है। बहरहाल पुलिस उनके खिलाफ न्यायालय में विचाराधीन वादों का ब्यौरा पता लगा रही है। ताकि मुकदमे की तारीख के पहले आरोपियों को दबोचा जा सके। 

एटीएम का डाटा चोरी कर बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले साइबर क्रिमिनल्स की पहचान तो पुलिस ने खोल दी है, लेकिन उन्हें पकड़ने की चुनौती बरकरार है। पुलिस पहले उनके काफी करीब पहुंच गई थी, लेकिन भीड़ के बीच हाथ डालने से बचती रही। पुलिस की सक्रियता के बाद साइबर क्रिमिनल्स का भूमिगत होना स्वाभाविक है।
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मोबाइल की लोकेशन के आधार पर अपराधियों के पीछे लगी थी पुलिस

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पुलिस फेस बुक की आईडी से दो आरोपियों के ही फोटोग्राफ जुटा पाई है, जबकि तीसरे का फोटो अभी तक नहीं मिला है। वहीं आरोपी साइबर अपराधियों ने अब अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिए हैं। पुलिस अब तक मोबाइल की लोकेशन के आधार पर उनके पीछे लगी थी। आरोपियों के परिजनों द्वारा बताए गए ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।

पुलिस को अब यह आशंका सता रही है कि रामबीर का अपराध की दुनिया से पुराना नाता है। ऐसे में वह पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल जा सकता है। दूसरे साथी जगमोहन पर तीन मुकदमे हैं। वह भी इसी तरह का हथकंडा अपनाकर पुलिस का चकमा दे सकता है। बहरहाल देहरादून पुलिस हरियाणा पुलिस की मदद से आरोपियों के पुराने मामले खंगाल रही है। इसके जरिए पुलिस मुकदमे की तारीख के पहले उन्हें दबोचने की जुगत में है।

लिखापढ़ी में नहीं आ सके वांछित आरोपियों के नाम 
देहरादून से एटीएम का डाटा चोरी कर जयपुर से रकम उड़ाने वाले तीन वांछित आरोपियों के नाम उजागर होने के 30 घंटे बाद भी पुलिस की लिखा-पढ़ी में नहीं आ सके हैं। अधिकारियों ने सोमवार को 34 लाख रुपये बैंक खाते में फ्रीज करवानेे के साथ आरोपियों की पहचान जारी कर दी थी। इसके बाद सबसे ज्यादा मुकदमे वाले नेहरू कालोनी थाने के इंस्पेक्टर राजेश शाह रात में हरियाणा रवाना हो गए, लेकिन दूसरे विवेचक इन आरोपियों को रिकॉर्ड में लेने को लेकर पशोपेश में हैं।
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करीब 34 लाख रुपये का फ्रीज कराने का दावा किया गया था

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बहरहाल मंगलवार शाम तक तीनों वांछित आरोपियों के नाम लिखापढ़ी में ना आने के मामले में एक विवेचक का कहना है कि वह चिह्नित आरोपियों को रिकॉर्ड में लेने का आधार समझ नहीं पा रहे हैं।

ऐसे ही स्थिति शहर कोतवाली, डालनवाला और रायपुर थाने में दर्ज मुकदमों की है। इस बारे में एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि विवेचकों को बता दिया गया है कि किस तरह उन्हें रिक़ॉर्ड में आरोपी बनाया जाना है। कार्रवाई चल रही है, देर रात तक साइबर क्रिमिनल्स की संलिप्तता लिखापढ़ी में आ जाएगी।

दरअसल, सीसीटीवी फुटेज, होटल में मौजूदगी, मोबाइल लोकेशन, खाते से मोटी रकम ट्रांसफर के आधार पर पुलिस ने सोमवार को डेढ़ बजे मीडिया के सामने तीन आरोपी रामबीर, जगमोहन और सुदेश निवासी झज्जर के बारे में खुलासा किया था।

पुलिस ने यह दावा भी किया गया था कि एटीएम से रकम निकालने के बाद आरोपियों ने जमीन खरीदने के लिए यह रकम झज्जर निवासी कै लाशो देवी के खाते में हस्तानांतरित कर दी थी। पुलिस ने खाते में जमा करीब 34 लाख रुपये का फ्रीज कराने का दावा किया गया था। 
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