बांद्रा से देहरादून आ रही ट्रेन में एक लड़की का मोबाइल फोन से फोटो खींचने पर जमकर हंगामा हुआ। फोटो खींचने वाला सेना का जवान था, जिसकी तैनाती देहरादून स्थित एक बटालियन में है। अपने साथियों के साथ एस 1 कोच में बैठे जवान की हरकत पर अन्य यात्रियों ने विरोध जताया जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई।
यात्रियों के हंगामा करने पर जीआरपी के जवान डिब्बे में पहुंचे और किसी तरह शांत किया। लेकिन स्टेशन आने के बाद जब यात्री दोबारा भड़के तो जीआरपी ने जवानों की संबंधित बटालियन के अधिकारियों को फोन कर दून रेलवे स्टेशन पर बुला समझौता करवाया।
हरिद्वार स्टेशन से सवार हुए जवान
हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर 10 से 15 जवान एस 1 स्लीपर कोच पर सवार हुए। इस कोच में कुछ लड़कियों का ग्रुप और अन्य यात्री पहले से मौजूद थे। ट्रेन के स्टेशन से चलने के कुछ देर बाद जवान अपने मोबाइल फोन से फोटो खींचने लगे। तभी एक जवान ने कोच में सवार एक लड़की का फोटो खींचा। लड़कियां पहले तो चुप रही, लेकिन दो तीन बार दोबारा फोटो खींचने पर उन्होंने एतराज जताया।
इसपर कोच में सवार यात्रियों ने जवान को मोबाइल जेब में डालने को कहा। इसी बात यात्रियों और जवानों के बीच बहस शुरू हो गई। मामला हाथापाई तक पहुंचने से पहले जीआरपी के जवान डिब्बे में पहुंच गए। स्टेशन पर गाड़ी रुकते ही यात्रियों ने जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी, जिसके बाद सेना को अवगत करवाया गया।
छेड़छाड़ का आरोप
जीआरपी के एसओ आरपी सती ने बताया कि कुछ सेना के जवानों और डिब्बे में सवार यात्रियों में कहासुनी हुई। यात्रियों ने जवानों पर लड़कियों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। हमने सेना के अधिकारियों को स्टेशन पर बुलाया था, जिसके बाद समझौता हो गया। किसी भी पक्ष ने शिकायत नहीं दी है।