देहरादून के चर्चित अनुपमा हत्या कांड का फैसला अभी तक नहीं हो पाया है। यह घटना अक्टूबर 2010 की है। देहरादून के कैंट थाने के गोविन्दगढ़ प्रकाश विहार इलाके में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर द्वारा अपनी पत्नी की हत्या करके उसके शव को फ्रीजर में रखने के मामले ने पूरे उत्तराखंड में सनसनी फैला दी थी।
जिला जज की अदालत में अनुपमा हत्याकांड मामले में अब तक 27 गवाह पेश किए जा चुके हैं। आरोप है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी अनुपमा की हत्या कर दी थी।
अनुपमा और राजेश गुलाटी की प्रेम कहानी 1994 में शुरू हुई थी। इन दोनों का प्यार कैसे परवान चढ़ा और कब इन दोनों में तकरार हुई इसकी जानकारी इन दोनों के प्रेम पत्रों से मिलती है।
पहला पत्र राजेश ने लिखा
21 अक्टूबर 1994 को लिखे गए पत्र का सारांश
आज (21 अक्टूबर,94 ) हमारा (लव डे ) प्रेम दिवस है। इस पत्र में राजेश ने गहरे प्रेम और अकेलेपन का उल्लेख किया है। राजेश ने इस लव लेटर के जरिए एमसीए करने वेल्लूर, तमिलनाडु जाने का जिक्र किया है।
‘जब तुम अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से बताओगी कि तुम्हारे पति ने एमसीए कर लिया तो कैसा गर्व महसूस होगा’। तुम मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा हो, तुम्हारे बिना मेरा कोई वजूद नहीं। अनु, तुम्हारे प्यार की गहराई का बयान मुश्किल है। मैं तुम्हारे ऊपर बहुत कुछ निर्भर हूं।
24 अक्टूबर, 94
वेल्लूर जाने का जिक्र। अकेले और खराब हालात के बावजूद अपनी मां की चिंता का उल्लेख। यह दिखाने की कोशिश सब कुछ ठीक है। अगर मां को पता लगा मैं परेशान हूं तो वह तो मर जाएगी क्यों कि उसका दिल कमजोर है। हॉस्टल में मद्रासियों के साथ एडजस्टमेंट में दिक्कत। हॉस्टल के खराब कमरे का जिक्र। लेकिन कॉलेज के प्रिंसिपल से बात करके दूसरे कमरे का इंतजाम करने की बता कही।
इस कड़ी के और पत्र अगले पोस्ट में पढ़ने को मिलेंगे।