कोर्ट में हलफनामा देकर डीजीपी बीएस सिद्धू की मुश्किलें बढ़ाने वाले दारोगा निर्विकार सिंह ने अब सिद्धू के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।
उनका कहना है कि उनकी लड़ाई डीजीपी से नहीं, बल्कि इस पद पर बैठे भूमाफिया से है जो पद की आड़ में कानून विरोधी काम कर रहे हैं।
दारोगा का दावा है कि आपराधिक मामले लंबित होने के चलते डीजीपी कोर्ट से इजाजत लिए बिना विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं।
कहा, अफसर कर रहे बाहर करने की साजिश
निर्विकार ने यह भी आरोप लगाया कि विभागीय अफसर उनकी शिकायतों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें ही विभाग से बाहर करने की साजिश रच रहे हैं।
डीजीपी बीएस सिद्धू का नाम गत वर्ष राजपुर के वीरगिरवाली में वन विभाग की जमीन पर 25 हरे पेड़ काटने के मामले में उछला था। मौके पर एक जमीन की रजिस्ट्री करवाई गई थी।
वन विभाग ने सिद्धू के खिलाफ जुर्म काटा तो डीजीपी ने वन विभाग के अफसरों के खिलाफ ही केस दर्ज करा दिया था।
कोर्ट में हलफनामा देकर खड़े किए सवाल
मामले की जांच दारोगा निर्विकार सिंह को दी गई थी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही उन्हें अचानक रुद्रप्रयाग ट्रांसफर कर दिया गया।
कुछ दिन पूर्व दारोगा निर्विकार सिंह ने कोर्ट में हलफनामा देकर सिद्धू की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। कहा कि मनमाफिक जांच न होने पर ही उन्हें और उनसे पहले कुछ अन्य दारोगाओं को हटाया गया।
इसके बाद एसपी रुद्रप्रयाग की संस्तुति पर पुलिस विभाग ने दारोगा के खिलाफ छह पुराने मामलों की जांच एक ही दिन में खोल दी थी।
मीडिया के सामने लगाए आरोप
शनिवार को एक बार फिर दारोगा ने मीडियाकर्मियों से बात की। इस बार वह डीजीपी पर खुलकर बरसे।
कहा कि वह पुलिस विभाग अथवा शासन की नीति के खिलाफ नहीं हैं, न ही डीजीपी पद पर कोई विवाद है। वह सिर्फ इस पद पर बैठे सिद्धू के भूमाफिया के तौर पर उठाए जा रहे कदमों के खिलाफ हैं।
निर्विकार ने कहा कि डीजीपी होने के नाते सिद्धू उन पर अंकुश लगा सकते हैं, लेकिन वह खुद ही कानून विरोधी कृत्यों में लिप्त है। आरोप लगाया कि उन्हें एकतरफा दोषी दर्शाकर विभाग से बाहर निकालने की साजिश रची जा रही है।
विदेश जाने की फिराक में हैं डीजीपी
निर्विकार ने कहा कि वन विभाग की तरफ से दो मामले कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद सिद्धू अमेरिका जाने की तैयारी में है।
मांग की कि बिना अनुमति डीजीपी को जाने न दिया जाए, कानून से बड़ा कोई नहीं हो सकता है। निर्विकार ने कहा कि यदि सच कहना ही बगावत है तो वह बागी बनने को तैयार हैं।
क्या कहते हैं डीजीपी
शासन स्तर पर दारोगा के खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी वजह से दारोगा बौखलाहट में है। मैंने यूएसए जाने के लिए काफी समय पूर्व प्रार्थनापत्र दिया था। एक सप्ताह का अवकाश स्वीकृत हो गया है। रविवार को सुबह मैं रवाना हो जाऊंगा।
-बीएस सिद्धू, डीजीपी