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युद्घवीर हत्याकांडः सुलझने लगी मौत की गुत्थी

Tue, 27 Aug 2013 06:20 PM IST
अमर उजाला, मनमीत रावत, देहरादून
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देहरादून के चर्चित हत्याकांड में अपने को बेकसूर बताने वाले हरिओम की कहानी उमेश ने पलट दी है। मेरठ से उमेश की गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिस के समक्ष कई अहम राज खोले।
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उसने पुलिस को यह भी बताया है कि उसे और हरिओम को युद्घवीर को मारने के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी सुधा ने दी थी।

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पांच लाख रुपये में दी सुपारी
उधर, गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उमेश को कोर्ट के समक्ष पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। हत्याकांड में अब सभी मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के पूर्व पीआरओ युद्घवीर सिंह रावत की हत्याकांड की मास्टरमाइंड लॉबिस्ट सुधा पटवाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पता चला था कि हत्या की सुपारी मेरठ के हरिओम, संजीव और उमेश को पांच लाख रुपये में दी गई है।
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संजीव हत्याकांड में शामिल
पुलिस ने हरिओम को घटना के कुछ ही दिनों बाद पकड़ लिया था। जबकि संजीव हत्याकांड में शामिल होकर सीधे हरिद्वार गया और एक अन्य मामले में सरेंडर करके जेल चला गया।

जबकि पुलिस ने हत्याकांड में सबसे शातिर उमेश कुमार चौधरी पुत्र मगन पाल निवासी ग्राम कैल, शिकापुर, जिला शामली को मेरठ से सोमवार को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना स्थल से हत्या में प्रयुक्त रॉड भी बरामद की।

गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई
पूछताछ में उमेश ने बताया कि हत्या करने से पहले वह चकराता रोड स्थित एक दुकान में गया और वहां से उसने 15 रुपये में रस्सी का बंडल लिया।

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उसी रस्सी से उसने युद्घवीर का गला घोंटा था। एसएसपी केवल खुराना ने बताया सुधा, हरिओम, संजीव और उमेश के खिलाफ पुलिस गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई कर रही है।
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