हरिद्वार में पुलिस से बचने के लिए एक आरोपी ने नायाब तरीका चुना। पुलिस भी उसकी तलाश में 14 दिनों तक घर के चक्कर लगाती रही।
बुधवार को पुलिस ने आरोपी के घर में छिपे होने की सूचना पर छापा मारा तो आरोपी संतोष घर में नहीं मिला। घर की पूरी तरह छानबीन करने के बाद संतोष बेड के बॉक्स में मिला और बेड के ऊपर आरोपी की मां लेटी हुई थी।
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पुलिस के मुताबिक आरोपी के घर में होने की पक्की सूचना उन्हें थी। नगर कोतवाली के एसएसआई नवीन चंद्र जुयाल ने बताया कि 14 दिन पहले चैकिंग में एक व्यक्ति को रोका, तो वह भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो वह अपना स्कूटर छोड़ भाग निकला।
स्कूटर के नंबर के आधार पर तलाश
पुलिस ने स्कूटर में रखी अंग्रेजी शराब की 14 बोतल बरामद करते हुए आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर स्कूटर के नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश की। जिसमें पुलिस को फरार आरोपी की शिनाख्त संतोष पुत्र अजय निवासी नाई सोता पालिका बाजार नजदीक हरकी पैड़ी के रुप में हुई।
पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई बार उसके घर पर छापे मारे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। बुधवार को पुलिस ने आरोपी के घर में छिपे होने की सूचना पर छापा मारा तो आरोपी संतोष घर में नहीं मिला। एसएसआई नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि आरोपी का आबकारी एक्ट में चालान कर दिया गया है।
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14 दिन चला लुका छिपी का खेल
पुलिस के घर पर आने की सूचना मिलते ही आरोपी हमेशा ही बेड के अंदर छिप जाता था, जिससे पुलिस पूरा घर छानने के बावजूद भी उसे तलाश नहीं कर पाती थी। आरोपी तब तक बेड के अंदर ही रहता जब तक पुलिस घर की तलाशी लेती रहती और आरोपी की मां बेड के ऊपर सो जाजी।
लगातार 14 दिनों तक पुलिस और आरोपी के बीच यह खेल चलता रहा। 14 वें दिन पुलिस को रोज आरोपी की मां के बेड पर ही लेटे रहने से शक हुआ तो तलाशी के लिए बेड को खुलवाया गया। अंदर आरोपी को छिपा हुआ देख एक पल के लिए तो पुलिसकर्मी भी ठिठक गए।