राजधानी देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती आंचल उर्फ मानसी अपने घर नहीं जाना चाहती है। घर का नाम आते ही मासूम आंचल सहम जाती है। उसको डर है कि यदि वह अपने घर गई तो उसके पापा मार डालेंगे।
इंसानियत शर्मसार
उसकी आंखों में अब भी अपने पिता की हैवानियत साफ दिखाई दे रही है। अरविंद ने अपने सौतेले तीन मासूम बच्चों के साथ जो किया उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। अरविंद की इस क्रूर हरकत को आंचल भूला नहीं पा रही है। वह घर नाम सामने आते ही कांप जाती है।
मोहम्मद हाशिम ने बताया कि बच्ची की हालत काफी सुधार है। उसकी नाक से नलियों को निकाल दिया है। उसे मुंह से हल्का खाना दिया जा रहा है। आंचल थोड़ा-थोड़ा बोल भी रही है। जब उससे पूछा गया कि तुम अपने घर पर जाना चाहती हो तो वह सहम गई।
पिता का खौफ
कहा कि अंकल आप मुझे अपने घर पर ले जाओ। अगर मैं अपने घर गई तो मेरे पापा मुझे मार देंगे। मासूम बच्ची की आंखों में अपने पिता का खौफ दिखाई देता है। बच्ची के दिमाग पर ज्यादा जोर न पड़े, इसलिए डाक्टरों ने अब सलाह दी है कि बच्ची से उसके घर के बारे में ज्यादा बातचीत न की जाए।
डॉक्टरों के अनुसार बच्ची में काफी कमजोरी आ चुकी है। इसलिए वह अभी चल नहीं पा रही है। उम्मीद है कि तीन-चार दिन में वह चलने लगेगी। बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार आने पर उसे जल्द ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।