फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने का आरोपी दबोचा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के जरिये कुछ लोगों ने एक महिला की जमीन बेच दी। शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच की। बैंक खाते की डिटेल के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही। जिनमें से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।
शनिवार को डीआईजी अजय रौतेला और एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने पत्रकारों को बताया कि कुछ समय पूर्व एसआईटी (भूमि शाखा) में डॉ. एकता सिंह ने अपनी मां के नाम दर्ज जमीन फर्जी ढंग से बेचे जाने की शिकायत दर्ज की थी। उन्होंने बताया कि उनकी मां मंजुला सिंह बिष्ट के नाम पर सुद्धोवाला में एक भूखंड है। जिसे कांवली निवासी फरमान अली, गोविंदगढ़ पंजाब निवासी मनोज भंडारी, सुलेमान और अज्ञात महिला ने धोखाधड़ी और दस्तावेजों में फर्जीवाडा कर बेच दिया। डॉ. एकता ने बताया कि उनकी मां ने 23 नवंबर 1998 को नई दिल्ली निवासी उपेंद्रनाथ शाही से यह जमीन खरीदी थी। दो अगस्त 2017 को भूखंड का एक हिस्सा मनोज भंडारी को बेच दिया गया।
इस दौरान किसी अन्य महिला को उनकी मां मंजुला बिष्ट के रूप में पेश कर इस जमीन का सौदा कर दिया गया। फरमान और सुलेमान इस सौदे में ग्राहक बने। मनोज भंडारी ने अपनी पत्नी अनीता भंडारी के खाते से महिला (मंजुला बिष्ट) को चेक जारी किया। 22 सितंबर 2017 को यह चेक बाउंस हो गया। सात अक्तूबर 2017 को उसने आरटीजीएस के जरिये तीन लाख रुपये महिला के खाते में जमा करा दिए।
जांच के दौरान पुलिस ने सिविल लाइन रुड़की स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के आधार पर महिला के पते की जानकारी दी। साथ ही सौदे के दौरान दी गई बिजनौर जिले की वोटर आईडी की जानकारी भी ली गई। जांच में वोटर आईडी बिजनौर क्षेत्र की न होने की जानकारी मिली। धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। शनिवार को प्रेमनगर पुलिस ने कांवली रोड निवासी आरोपी फरमान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।