ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सिविल सेवा ऑफिसर क्लब में टैक्स चोरी के मामले में प्रदेश के आईएएस अफसरों को झटका लगा है। अफसराें की आयकर विभाग की कार्रवाई के खिलाफ कमिश्नर अपील खारिज हो गई है। विभाग ने यहां पांच करोड़ की ऐसी रकम पकड़ी थी, जिसका आईटीआर जमा नहीं था। इस पर विभाग ने तीन करोड़ की पेनाल्टी लगाई थी। मामले में अधिकारियों ने 20 प्रतिशत रकम जमा कराते हुए कमिश्नर अपील की थी। अब यह अपील खारिज हो गई है।
बता दें, फरवरी-2018 में आयकर विभाग ने आयकर जांच के दौरान हिलटॉप स्थित सिविल सेवा ऑफिसर क्लब में टैक्स चोरी पकड़ी थी। यहां पांच करोड़ रुपये राज्य सरकार से प्राप्त किए गए थे। इसका कोई लेखा-जोखा जमा नहीं कराया गया था। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि आयकर अधिनियम की धारा 12ए के तहत क्लब ने टैक्स छूट का कोई आवेदन भी नहीं किया हुआ था। मुख्य आयकर आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता के निर्देशन में चली हाई प्रोफाइल कार्रवाई में आयकर विभाग ने तीन करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगा दी थी। नियम के हिसाब से इस जुर्माने की 20 प्रतिशत यानी 47 लाख रुपये क्लब की ओर से जमा करा दिए गए। इसके साथ ही कमिश्नर अपील दायर की गई। पूरे मामले की सुनवाई के बाद सिविल सेवा क्लब की कमिश्नर अपील खारिज हो गई है। इसके साथ ही आयकर विभाग की तीन करोड़ जुर्माने की कार्रवाई पर मुहर भी लग गई है। हालांकि अभी क्लब के पास इससे ऊपर अपील दायर करने का विकल्प रहेगा।
प्रदेशभर के क्लब आयकर जांच की जद में
सिविल सेवा ऑफिसर क्लब की जांच में आयकर चोरी सामने आने के बाद अब प्रदेशभर के ऐसे क्लब आयकर विभाग की जांच की जद में आ गए हैं। विभाग ने पुलिस से लेकर तमाम अधिकारियों और अन्य ऐसे क्लबों की जांच शुरू करा दी है। इनमें यह भी देखा जा रहा है कि क्या ऐसे क्लबों को आईटी एक्ट की धारा 12ए के तहत टैक्स से छूट दी गई है या नहीं।