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महिलाओं ने किया दून अस्पताल में भारी हंगामा, पूर्व सीएमओ पर लगाया नौकरी के नाम पर रिश्वतखोरी का आरोप

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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स्वास्थ्य विभाग में नौकरी के नाम पर लाखों की रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए महिलाओं समेत कुछ लोगों ने पूर्व सीएमओ एवं दून अस्पताल के कंसल्टेंट आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. वाईएस थपलियाल के खिलाफ जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं दून अस्पताल में हंगामा कर रहे लोगों ने पूर्व सीएमओ के साथ अभद्रता करने के अलावा उनकी कार में तोड़फोड़ की भी कोशिश की। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाल लिया। हंगामा करने वालों ने पूर्व सीएमओ पर लाखों रुपये की रिश्वतखोरी का आरोप लगाया तो वहीं डॉ. थपलियाल ने इसे साजिश करार दिया है। उन्होंने डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
बृहस्पतिवार की दोपहर कुछ महिलाओं समेत करीब दर्जनभर लोगों ने दून अस्पताल पहुंचकर कंसल्टेंट आर्थोपेडिक सर्जन एवं पूर्व सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल के चैंबर के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। खुद को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सीएमओ ने नौकरी देने के नाम पर उनसे लाखों रुपये की रिश्वत ली और फर्जी तरीके से नियुक्ति पत्र जारी कर दिया। इतना ही नहीं इसके बाद उनसे कोरोनेशन और जिला क्षयरोग कार्यालय समेत कई अस्पतालोें में कुछ दिन काम कराया गया और फिर निकाल दिया गया। इस दौरान हंगामा करने वालों ने पूर्व सीएमओ के साथ अभद्रता और उनकी कार में तोड़फोड़ की भी कोशिश की, लेकिन सूचना पाकर अस्पताल पहुंची पुलिस ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सीएमओ ने नौकरी के एवज में उनसे 26 लाख रुपये से अधिक रिश्वत ली है। हंगामा करने वालों ने कहा कि ऐसे में या तो उन्हें विभाग में नौकरी पर रखा जाए या फिर उनके लाखों रुपये वापस किए जाएं।
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नौकरी के एवज में रिश्वत लेने और नियुक्ति पत्र देकर काम कराने के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार हैं। यह मेरे खिलाफ कोई साजिश है। मैंने जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन और एसएसपी निवेदिता कुकरेती को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। -डॉ. वाईएस थपलियाल, कंसल्टेंट आर्थोपेडिक सर्जन दून अस्पताल एवं पूर्व सीएमओ
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आखिर किसने जारी किए नियुक्ति पत्र?
दून अस्पताल में हंगामा करने वाले लोगों का कहना था कि उन्हें जो नियुक्ति पत्र दिया गया है, उसमें पूर्व सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल का नाम लिखा है। वहीं, पूर्व सीएमओ डॉ. थपलियाल का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र जारी ही नहीं किया है। हंगामा करने वालों ने जो नियुक्ति पत्र दिखाए, उसमें केवल उनका नाम टाइप किया गया है, हस्ताक्षर नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार पूर्व सीएमओ के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र किसने जारी किया।
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व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज और नौकरी की सिफारिश : पूर्व सीएमओ
पूर्व सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल का कहना है कि पिछले दो तीन दिन से एक अंजान नंबर से व्हाट्सएप पर उन्हें अश्लील मैसेज भेजे जा रहे हैं। साथ ही एक महिला को जल्द नौकरी दिलाने की सिफारिश भी गई। मैसेज भेजने वाला व्यक्ति यह भी लिख रहा है कि वह जो चाहेंगे, वह किया जाएगा, उनकी हर शर्त मंजूर होगी। डॉ. थपलियाल ने कहा कि मैसेज भेजने वाले को वह नहीं जानते हैं। जिस नंबर से मैसेज आ रहे हैं, उसकी प्रोफाइल पिक्चर में सेना की वर्दी पहने किसी व्यक्ति की फोटो लगी है। डॉ. थपलियाल का कहना है कि इस संबंध में भी उन्होंने जिलाधिकारी और एसएसपी को अवगत करा दिया है। वहीं, एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पूर्व सीएमओ की शिकायत मिली है। जांच के लिए इसे साइबर थाना पुलिस के पास भेज दिया गया है।
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