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10 दिन बाद ई-मशीनें काटेंगी चालान

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10 दिन बाद ई-मशीनें काटेंगी चालान
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जिले में दस दिन में ई-चालान व्यवस्था शुरू हो जाएगी। यातायात निदेशालय को 136 ई-चालान मशीनें मिल गईं हैं। जिन्हें मंगलवार को यातायात पुलिस को सौंप दिया जाएगा। पहले पुलिसकर्मियों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा और उसके बाद उन्हें मशीनों के साथ सड़क पर तैनात किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत चालान काटने के लिए पुलिस को बहुत ज्यादा जानकारी जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वाहन पंजीकरण नंबर से ही चालान की पर्ची मिल जाएगी। यही नहीं, जल्द ही पुलिस इन मशीनों से मौके पर ही कार्ड के जरिये जुर्माना भी वसूल करने की तैयारी कर रही है।
यातायात निदेशक केवल खुराना ने बताया कि उन्होंने पिछले दिनों दून पुलिस के लिए ई-चालान मशीनों की मांग की गई थी। उनकी मांग के आधार पर मुख्यालय स्तर पर 136 ई-चालान मशीनों की खरीद हुई है। करीब दस दिन बाद इन मशीनों से चालान काटने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इन मशीनों से चालान काटने की प्रक्रिया तो आसान होगी ही, साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वालों का रिकॉर्ड भी पुलिस के पास रहेगा। मसलन, यदि कोई बार-बार एक ही प्रकृति के अपराध करता है तो उसकी जानकारी भी यह मशीन ही पुलिस को देगी। इसके आधार पर उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी।
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खुराना ने बताया कि ई-चालान काटने के लिए पुलिसकर्मियों को लोगों से ज्यादा जानकारी भी नहीं जुटानी पड़ेगी। इसके लिए वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर मशीन में फीड करते ही चालान की पर्ची निकल आएगी। शुरुआत में चालान का जुर्माना पुरानी प्रक्रिया के तहत ही यातायात कार्यालय में जमा कराया जाएगा। कुछ दिन बाद कार्ड से भुगतान भी शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए एचडीएफसी बैंक से बातचीत चल रही है। इसके बाद चालान कटने पर लोग अपनी सुविधानुसार क्रेेडिट और डेबिट कार्ड से स्वैप कर जुर्माने की रकम अदा कर सकेंगे।
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चार करोड़ रुपये का बजट हुआ मंजूर
यातायात निदेशक केवल खुराना ने बताया कि मुख्यालय से यातायात पुलिस को हर साल करीब दो करोड़ रुपये का बजट मिलता है। इसके अलावा जरूरी सामान खरीदने के लिए यातायात निदेशालय ने शासन स्तर पर भी छह करोड़ रुपये के बजट की मांग की थी। इनमें से मुख्यालय ने एक करोड़ रुपये के बजट से आवश्यक सामग्री खरीद के लिए मंजूरी दी थी। इसके अलावा शासन ने भी उनकी मांग के आधार पर तीन करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है।
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