दून के ब्रिगेडियर ने की दिल्ली में आत्महत्या
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून
दून के एक ब्रिगेडियर दिल्ली में अपने सरकारी आवास में प्रथम तल से कूदकर आत्महत्या कर ली। ब्रिगेडियर आरएस रावत 1988 से सेना में थे और करीब 12 साल सबसे जम्मू-कश्मीर में तैनात रहे थे। बताया जा रहा है कि वे जम्मू-कश्मीर में पोस्टिंग के दौरान से ही डिप्रेशन में थे। उनकी मौत के बाद डिफेंस कॉलोनी स्थित उनके घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है। घटना 21 अप्रैल की है।
ब्रिगेडियर रावत के पिता केएस रावत भी जल सेना में लेफ्टिनेंट कमांडर के पद से रिटायर हुए हैं। उनकी मृत्यु के बाद से उनके पिता शोक में डूबे हुए हैं। ब्रिगेडियर रावत अपने पीछे एक पत्नी और एक बेटी को छोड़ गए हैं। मंगलवार को उनके घर पर एक पड़ोसी ने बताया कि हाल ही में ब्रिगेडियर ने अपना 50वां जन्मदिन दून में ही मनाया था। इसके बाद वे दिल्ली चले गए थे। बकौल पड़ोसी ब्रिगेडियर रावत पहले बहुत खुश और जिंदादिल व्यक्ति थे, लेकिन जम्मू-कश्मीर में पोस्टिंग के आखिरी दिनों में वे काफी परेशान रहने लगे थे। इसके बाद उनकी पोस्टिंग दिल्ली हेडक्वार्टर में हो गई थी। वहां सरकारी कॉलोनी में ही उन्हें मकान आवंटित किया गया था। उनके मकान के नीचे लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के अधिकारियों के घर थे। जानकारी के अनुसार 21 अप्रैल को ब्रिगेडियर अपने मकान की बॉलकनी में टहल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने वहां से छलांग लगा दी। वहां मौजूद लोग उन्हें मिलिट्री अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद 22 अप्रैल को दिल्ली में ही अंतिम संस्कार किया गया। वहां से मंगलवार को उनकी अस्थियों को हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित कर दिया गया है।